खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय (MoFPI) द्वारा प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना (PMKSY) के तहत अनुसंधान एवं विकास (R&D) योजना प्रभावी रूप से चलाई जा रही है। इस योजना के तहत मांग-आधारित अनुसंधान को प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को व्यावसायिक रूप से उपयोगी तकनीकों, उत्पादों और प्रक्रियाओं के विकास में मदद मिल सके।
MoFPI स्वयं अनुसंधान कार्य नहीं करता, बल्कि यह योजना के माध्यम से देशभर के विश्वविद्यालयों, IITs, केंद्रीय/राज्य संस्थानों, सरकारी संगठनों और निजी क्षेत्र की CSIR मान्यता प्राप्त R&D इकाइयों को अनुदान प्रदान करता है। इसका उद्देश्य खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में नई तकनीकों, मूल्य संवर्धन, पैकेजिंग सुधार, और उत्पाद की गुणवत्ता सुनिश्चित करने वाले अनुसंधान कार्यों को बढ़ावा देना है।
मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सरकारी संस्थानों को 100% अनुदान, जबकि निजी संस्थानों को सामान्य क्षेत्रों में 50% और कठिन क्षेत्रों में 70% अनुदान दिया जाता है। यह अनुदान उपकरणों, अनुसंधान सामग्री और अनुसंधान फेलोशिप से संबंधित खर्चों को कवर करता है।इस योजना के तहत अनुसंधान कार्यों में खाद्य योजक (Additives), रंग, संरक्षक (Preservatives), कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residues), रासायनिक और सूक्ष्मजीवीय प्रदूषक (Contaminants) और प्राकृतिक विषैले तत्वों की मानकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है ताकि यह तय सीमा के भीतर रहे।
हालांकि अनुसंधान परियोजनाओं के लिए सभी समुदायों (SC/ST/OBC) से Expression of Interest (EOI) आमंत्रित किए जाते हैं, लेकिन योजना दिशानिर्देशों में विशेष रूप से इन समुदायों के लिए उत्पाद तैयार करने की अलग से कोई व्यवस्था नहीं है।वर्ष 2008-09 से अब तक इस योजना के तहत कुल 236 अनुसंधान परियोजनाएं मंजूर की जा चुकी हैं, जिनमें से 225 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। इन परियोजनाओं के तहत 20 पेटेंट दर्ज किए गए हैं और 52 नई तकनीकों का व्यावसायीकरण या हस्तांतरण किया जा चुका है, जिनमें उत्पाद, प्रक्रिया, उपकरण और प्रोटोटाइप शामिल हैं।

