֍:केंद्रीय मंत्री ने कही ये बात§ֆ:कर्नाटक में दूध कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा, ‘कर्नाटक में कांग्रेस की सरकार बनने के बाद से करीब 2 साल से दूध की कीमतें, पेट्रोल की कीमतें, रजिस्ट्रेशन शुल्क, शराब, वाहन कर, वाहन रजिस्ट्रेशन शुल्क और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं. एक तरफ वे गारंटी का वादा कर रहे हैं और दूसरी तरफ वे सब कुछ वापस ले रहे हैं. वे अपनी गारंटी पर सालाना 50,000 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करते हैं, लेकिन बदले में लगभग 60-70,000 करोड़ रुपये कमा रहे हैं. उन्होंने आज दूसरी बार दूध की कीमतें बढ़ाई हैं. इसका मतलब है कि उनकी वित्तीय स्थिति अच्छी नहीं है.’§֍:सहकारिता मंत्री ने कही ये बात§ֆ:संवाददाताओं को संबोधित करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा, ‘कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला दूध संघ ने लिया है. उन्होंने शुरू में प्रति लीटर 5 रुपये की बढ़ोतरी का अनुरोध किया था, लेकिन सरकार 4 रुपये पर सहमत हो गई. 4 रुपये की पूरी बढ़ोतरी किसानों को मिलेगी. इससे पहले किसानों को 31.68 रुपये प्रति लीटर मिलते थे और इस बढ़ोतरी के साथ उन्हें 4 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे.’§֍:उत्पादन लागत बढ़ने पर हुई वृद्धि§ֆ:राज्य पशुपालन मंत्री के वेंकटेश ने कहा कि उत्पादन लागत बढ़ने के कारण यह वृद्धि आवश्यक थी. उन्होंने कहा, ‘वर्तमान में कर्नाटक में नंदिनी टोंड दूध (नीला पैकेट) 42 रुपये प्रति लीटर बिकता है. इस संशोधन के बाद यह 46 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा. इस वृद्धि का उद्देश्य किसानों को सहायता प्रदान करना है.’§֍:क्या हैं नई कीमतें?§ֆ:बढ़ोतरी के बाद कर्नाटक में एक किलो दही की कीमत 50 रुपये से बढ़कर 54 रुपये हो गई है. होमोजेनाइज्ड टोंड दूध 43 रुपये से बढ़कर 47 रुपये प्रति लीटर, गाय का दूध (हरा पैकेट) 46 रुपये से बढ़कर 50 रुपये और शुभम (केसर पैकेट/विशेष दूध) 48 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति लीटर हो जाएगा. कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (केएमएफ) अपने डेयरी उत्पादों को ‘नंदिनी’ ब्रांड के तहत बेचता है.§कर्नाटक में एक बार फिर दूध की कीमतें बढ़ गई हैं. इसमें चार रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है. इस बढ़ोतरी की वजह से गरीब और माध्यम वर्गीय परिवार पर बड़ा बोझ पड़ेगा. सहकारिता मंत्री के एन. राजन्ना ने गुरुवार को घोषणा की कि 1 अप्रैल से राज्य में दूध कीमतों में 4 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की जाएगी. राज्य मंत्री ने कहा कि दूध संघों और किसानों के दबाव के कारण कीमतों में बढ़ोतरी की गई है.

