केंद्र सरकार ने मिशन फॉर इंटीग्रेटेड डेवलपमेंट ऑफ हॉर्टिकल्चर (MIDH) के तहत देशभर में फलों और सब्जियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence – CoEs) स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इन केंद्रों की स्थापना विभिन्न साझेदारों, जिनमें अंतर्राष्ट्रीय द्विपक्षीय सहयोगी देश भी शामिल हैं, के साथ मिलकर की जा रही है। इनका मुख्य उद्देश्य किसानों, उद्यमियों और कृषि विस्तार कर्मियों को नवीनतम बागवानी तकनीकों का प्रशिक्षण, प्रदर्शन और प्रसार करना है, ताकि उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और स्थिरता को बढ़ावा मिल सके।
इन उत्कृष्टता केंद्रों के माध्यम से आधुनिक कृषि तकनीक का प्रदर्शन, पौध सामग्री की आपूर्ति, क्षमता निर्माण और नई तकनीकों को अपनाने को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल बागवानी क्षेत्र में नवाचार को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि किसानों को आर्थिक लाभ भी होता है। सरकार ने इस दिशा में इज़राइल, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के साथ द्विपक्षीय समझौते किए हैं, जबकि कई केंद्र भारतीय शोध संस्थानों की तकनीकी सहायता से भी स्थापित किए जा रहे हैं।
31 जुलाई 2025 तक देशभर में 58 उत्कृष्टता केंद्रों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें 7 महाराष्ट्र में, 6-6 हरियाणा और पंजाब में, 5 कर्नाटक में, 4 गुजरात और उत्तर प्रदेश में, 3 राजस्थान में, जबकि आंध्र प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु, त्रिपुरा, असम, गोवा, केरल, लद्दाख, मेघालय, मिजोरम, ओडिशा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल और हिमाचल प्रदेश में भी केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं।
ये केंद्र बागवानी क्षेत्र में अनुसंधान और खेत स्तर पर तकनीक अपनाने के बीच की खाई को पाटने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। किसानों की प्रगति और आत्मनिर्भरता की दिशा में यह पहल कृषि क्षेत्र में नए अवसर और संभावनाएं पैदा कर रही है।

