भारत में सूक्ष्म सिंचाई के क्षेत्रमेंअग्रणी, महिंद्रा ईपीसी इरीगेशन लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2025 में अनुमानतः262 करोड़ लीटर पानी और 8.4 एमयू (मिलियन यूनिट) ऊर्जा की बचत की। महिंद्रा ईपीसी नेभूमि पुनरुद्धार और सूखे से निपटने केप्रति प्रतिबद्धता के साथअपनी अनुकूलित सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों, सामुदायिक सिंचाई और कृषि जल प्रबंधन परियोजनाओं के ज़रिये यह उपलब्धि हासिल की।
यह उपलब्धि महिंद्रा ईपीसी के “कम संसाधन से अधिक कारगर उपाय” (डूमोर विदलेस) और “प्रकृति का कायाकल्प”(रेज्यूवनेटिंगनेचर)करने के व्यापक प्रयास का परिणाम है। यह महिंद्रा समूह की वहनीयता पहल का एक प्रमुख स्तंभ है और इसका उद्देश्य है, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा करना तथा जलवायु कार्रवाई में सार्थक भूमिका निभाना।
महिंद्रा ईपीसी इरीगेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, रमेश रामचंद्रनने इस उपलब्धि पर अपनीटिप्पणी मेंकहा, “महिंद्रा ईपीसी में हमारा लक्ष्य है, किसानों को सर्वोपरि स्थान देते हुए सूक्ष्म सिंचाई को व्यापक रूप से अपनाना में मदद करना। इस उपलब्धि के साथ हमने न केवल उल्लेखनीय मात्रा में पानी की बचत की, बल्कि ऊर्जा की भी बचत की, साथ ही भारतीय खेती को और अधिक लचीला बनाने का प्रयास भी जारी रखा। यह उपलब्धि पर्यावरण संरक्षण और किसान समृद्धि के प्रति हमारे समर्पण को रेखांकित करते हुए, सरकार के ‘प्रति बूंद, अधिक फसल'(परड्राप,मोर क्रॉप)के लक्ष्य के साथ-साथ महिंद्रा समूह की वहनीयता योजना के भीअनुरूप है।”
सिंचाई प्रौद्योगिकियों में महिंद्रा ईपीसी का नवोन्मेष भूमि क्षरण और सूखे जैसी महत्वपूर्ण समस्याओं को दूर करने की व्यापक पहल का हिस्सा है। महिंद्रा ईपीसी किसानों को प्रभावी जल प्रबंधन के लिए आवश्यक उपकरण और जानकारी प्रदान कर, आवश्यक प्राकृतिक संसाधनों को संरक्षित करते हुए कृषि उत्पादकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कंपनी व्यक्तिगत तौरपर किसानों और समुदायों को उनकी ज़रूरत के अनुरूप शुरू सेआखिर तक केजल प्रबंधन समाधान प्रदान करती है और स्वचालन, वैकल्पिक तकनीकों तथा समुदाय से संबंधित पहलों के ज़रिये आधुनिक वैज्ञानिक समाधानों के साथ किसानों का समर्थन करती है।
महिंद्रा ईपीसी के पास विभिन्न समाधान प्रदान करने के लिए 1,000 से अधिक चैनल भागीदारों का एक मज़बूत नेटवर्क है, जिसे देश भर में फैले इसके शाखा कार्यालयों से मदद मिलती है। कंपनी नियोजन, डिज़ाइन, स्थापना और कृषि विज्ञान से संबंधित अपनी गुणवत्तापूर्ण सेवाओं के लिए भी जानी जाती है, और यह किसानों को इन सेवाओं की डिलीवरी डिजिटल रूप से करती है।

