महाराष्ट्र सरकार द्वारा कुछ महीने पहले लागू की गई नई फसल बीमा योजना को किसानों का अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है। पिछले साल एक रुपये वाली योजना के तहत लाखों किसानों ने पंजीकरण कराया था, लेकिन अब नई योजना में प्रीमियम दर बढ़ने और जागरूकता की कमी के कारण किसानों की भागीदारी काफी कम हो गई है। इसके चलते सरकार ने पंजीकरण की अंतिम तिथि बढ़ाकर 14 अगस्त कर दी है।
पिछले साल की तुलना में नाटकीय गिरावट
अग्रोवन की रिपोर्ट के अनुसार, चंद्रपुर जिले में पिछले साल खरीफ सीजन में 2.5 लाख से अधिक किसानों ने एक रुपये वाली फसल बीमा योजना का लाभ उठाया था। वहीं, इस साल 31 जुलाई तक मात्र 50 हजार किसानों ने ही पंजीकरण कराया है। राज्य सरकार ने 2023 में एक रुपये प्रीमियम वाली योजना शुरू की थी, जिसमें मौसमी आपदाओं जैसे सूखा, अतिवृष्टि या ओलावृष्टि से फसल को हुए नुकसान की भरपाई की जाती थी। हालांकि, बाद में इस योजना में 5.9 लाख फर्जी आवेदन सामने आने के बाद इसे बंद कर दिया गया।
नई योजना में क्या बदलाव हुए?
महाराष्ट्र सरकार ने नई फसल बीमा योजना में कई बदलाव किए हैं:
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प्रीमियम दरें बढ़ीं: अब खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी के लिए 1.5% और बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम देना होगा।
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पारदर्शिता और डिजिटल प्रक्रिया: दावा प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है और मुआवजा सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किया जाएगा।
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कवरेज में विस्तार: धान, सोयाबीन, कपास, मूंगफली जैसी प्रमुख फसलों को शामिल किया गया है।
किसानों की शिकायतें और सरकार की प्रतिक्रिया
किसानों का कहना है कि नई योजना में प्रीमियम बढ़ने से उन पर आर्थिक बोझ पड़ रहा है। साथ ही, पिछले साल मराठवाड़ा और अन्य क्षेत्रों में मुआवजा प्रक्रिया में देरी और लालफीताशाही की शिकायतें सामने आई थीं। इसके जवाब में कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि नई योजना में धांधली रोकने और किसानों को समय पर मुआवजा दिलाने के लिए सख्त नियम बनाए गए हैं।
आगे की राह
सरकार ने किसानों को योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान चलाने और पंजीकरण तिथि बढ़ाने का निर्णय लिया है। किसान https://mahadbt.maharashtra.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नजदीकी कृषि कार्यालय से सहायता ले सकते हैं।
इस नई योजना के सफल क्रियान्वयन से महाराष्ट्र के किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के खिलाफ बेहतर सुरक्षा मिलने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए सरकार को किसानों का विश्वास जीतना होगा।

