֍:क्या था मामला?§ֆ:महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग जिले में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिरने से लोगों में रोष भर गया था. इसी के चलते राज्य सरकार घटना की जांच के लिए एक समिति का गठन किया है. जिसमें सिविल इंजीनियर, विशेषज्ञ, आईआईटी और नौसेना के प्रतिनिधि शामिल हैं. राज्य सरकार इस प्रतिमा को ध्वस्त करने के पीछे मौजूद लोगों की जिम्मेदारियों को चिन्हित करेगी. बता दें कि इस प्रतिमा का अनावरण पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा दिसंबर 2023 में किया गया था. §֍:सीएम शिंदे ने कही ये बात§ֆ:महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के लिए डिजाइन का सुझाव जेजे स्कूल ऑफ आर्ट्स और आईआईटी के प्रतिनिधियों, सिविल इंजीनियरों, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मूर्तिकारों और नौसेना के तकनीकी अधिकारियों की एक समिति की नियुक्ति का भी निर्देश दिया है. सीएम शिंदे ने प्रतिमा के ध्वस्त होने को लेकर कहा, यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. इससे छत्रपति शिवाजी महाराज के समर्थन में रोष है. नौसेना दिवस पर इस प्रतिमा का अनावरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था. उन्होंने आगाह किया, हमें बहुत ही सावधान रहने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह के घटनाओं की पुनरावृत्ति ना हो. मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रतिमा के ध्वस्त होने के बाद छत्रपति शिवाजी महाराज की दूसरी प्रतिमा का निर्माण किया, जो उनके छवि के अनरूप हो.§महाराष्ट्र के सिंधुदुर्ग में स्थित राजकोट किले पर लगी छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के गिरने पर पुलिस ने जांच शुरु कर दी थी. पुलिस ने एफआईआर में कांट्रेक्टर और आर्किटेक्ट जयदीप आप्टे और स्ट्रक्चरल कंसलटेंट चेतन पाटील को आरोपी बनाया था. इसी के चलते पहली गिरफ्तारी की गई है. आरोपी चेतन पाटील को बीती रात तीन बजे कोल्हापूर पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पुलिस आगे की कार्यवाई में जुट गई है. बता दें कि ये कार्रवाई कोल्हापुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम द्वारा की है.

