Coimbatore Meeting: भारत में कपास उत्पादन और उत्पादकता को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए शुक्रवार को कोयंबटूर में एक अहम बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कपास क्षेत्र की चुनौतियों पर गहन चर्चा हुई। बैठक में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह, हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, ICAR के वैज्ञानिक, राज्यों के प्रतिनिधि, किसान और उद्योग जगत के विशेषज्ञ शामिल हुए।
‘टीम कॉटन‘ के जरिए बढ़ेगी रफ्तार
बैठक में ‘कपास मिशन’ की घोषणा करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “जैसे रोटी जरूरी है, वैसे ही कपड़ा भी जरूरी है, और कपड़ा कपास से बनता है। कपास मिशन किसानों की सेवा का माध्यम है।” उन्होंने बताया कि यह मिशन ‘टीम कॉटन’ के रूप में चलेगा, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें, कृषि एवं वस्त्र मंत्रालय, कृषि विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ, किसान और उद्योग प्रतिनिधि शामिल होंगे।
बीज, रिसर्च और मशीनरी होंगे फोकस में
कपास की गुणवत्ता सुधारने के लिए रिसर्च को गति देने की बात कही गई। विशेष रूप से हाई-डेंसिटी वैरायटी को बढ़ावा देने और पिंक बॉल वॉर्म जैसे कीटों से लड़ने के लिए AI आधारित स्मार्ट ट्रैप तकनीक को अपनाने की योजना बनाई गई। इंडस्ट्री की जरूरतों के मुताबिक बीज तैयार करने पर जोर रहेगा।
दक्षिण भारत को मिलेगा नया मशीन टेस्टिंग सेंटर
केंद्रीय मंत्री ने ऐलान किया कि दक्षिण भारत में किसानों की सुविधा के लिए एक नया मशीन टेस्टिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिससे किसानों को दूर नहीं जाना पड़ेगा। साथ ही छोटे किसानों के लिए मशीनें तैयार करने पर भी बल दिया जाएगा।
फर्जी बीज और कीटनाशकों पर होगी सख्ती
बैठक में नकली बीज, कीटनाशक और खाद की समस्या को रोकने के लिए सख्त कानून बनाने पर सहमति बनी। किसानों को सही समय पर गुणवत्तायुक्त इनपुट्स देने के लिए एक्सटेंशन सेवाओं को मजबूत किया जाएगा।
जिनिंग फैक्ट्रियों का होगा आधुनिकीकरण
बैठक में यह भी तय किया गया कि जिनिंग फैक्ट्रियों के मैकेनाइजेशन पर जोर दिया जाएगा ताकि बेहतर गुणवत्ता का कपास तैयार हो सके। किसानों की ट्रेनिंग और तकनीकी जानकारी बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे।
2030 तक आत्मनिर्भरता का संकल्प
इस महामंथन में सभी प्रतिनिधियों ने मिलकर यह संकल्प लिया कि भारत 2030 तक कपास के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। यह बैठक ‘क्रॉप वार संवाद’ श्रृंखला की दूसरी कड़ी थी, जिसकी पहली कड़ी में सोयाबीन पर चर्चा हुई थी।

