֍:मध्य प्रदेश ने खेती में मारी बाजी §ֆ:एक आर्थिक सर्वेक्षण में बताया गया कि सोयाबीन उत्पादन में मध्य प्रदेश एक बार फिर पहले नंबर पर आ गया है. अब मध्य प्रदेश टाइगर स्टेट के साथ सोयाबीन उत्पादक राज्य के नाम से भी जाना जा रहा है. साथ ही मध्य प्रदेश चना उत्पादन में भी महाराष्ट्र से आगे निकल गया है. §֍:इन फसलों पर मध्य प्रदेस की पकड़§ֆ:मध्य प्रदेश खेती में काफी आगे निकल आया है. इस राज्य में लगभग सभी फसलों की खेती किसान कर रहे हैं. यहां किसान दलहन औऱ तिलहन की फसलों की खेती मुख्य रूप से कर रहे हैं. इसके साथ यहां बागवानी को लेकर भी सरकार द्वारा किसानों को काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है. यहां गेहूं के साथ तिलहन, रेपसीड, सरसों उत्पादन, मक्का की खेती भी की जा रही है. इन खेती के प्रकारों में मध्य प्रदेश पहले दूसरे और तीसरे नंबर पर पकड़ बनाया हुआ है.§֍:जानें सोयाबीन के फायदे§ֆ:भारत में सोयाबीन का प्रच्चलन अब युवाओं ने बढ़ा दिया है. अब लोग सोयाबीन को सब्जी के साथ प्रोटीन की कमी पूरी करने के लिए भी इस्तेमाल में लेते हैं. आजकल फिटनेस फ्रीक युवा सोयाबीन को अपनी डाइट में रोजाना शामिल करना पसंद करते हैं. यह मध्य प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण फसल हो गई है. §ֆ: बता दें कि भारत सोयाबीन उत्पादन में अब चौथे स्थान पर आ गया है. भारत में सोयाबीन का इस्तेमाल कई चीजों में किया जाता है जैसे सोयाबीन का तेल, चाप, आदि. इसके कई हेल्थ बेनेफिट्स भी हैं, जो इसे स्ट्रीट फूड के साथ एक खाने में इस्तेमाल होने वाली पौष्टिक सब्जी के रूप में भी होता है. इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर, विटामिन-ई, विटामिन-बी, थायमिन और अमीनो अम्ल पाया जाता है. §भारत में सोयाबीन की खेती महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा होती थी. जिसके बाद अब मध्य प्रदेश ने महाराष्ट्र को भी सोयाबीन उत्पादन में पीछे छोड़ दिया है. इसी के साथ ही मध्य प्रदेश ने दलहन और तिलहन की फसलों में सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है. अस राज्य में सोयाबीन का उत्पादन किसानों ने इतना किया है, कि राज्य को उत्पादन में अव्वल नंबर पर पहुंचा दिया है.

