֍:GI टैग की मिलेगी उपलब्धि §ֆ:मदनपल्ली टमाटर उत्पादक संघ इस पहल का नेतृत्व कर रहा है, जो उत्पाद की विरासत की रक्षा करने और घरेलू और वैश्विक बाजारों में रास्ते खोलने में जीआई टैग की भूमिका निभा रहा है. इस मान्यता से एक लाख हेक्टेयर भूमि पर टमाटर की खेती करने वाले 20,000 से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे सालाना सैकड़ों करोड़ रुपये का कृषि कारोबार होता है.
§֍:क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा§ֆ:मदनपल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (एमआईटीएस) में हाल ही में हुई एक बैठक में GI टैग की आवेदन प्रक्रिया और इसके लाभों पर चर्चा की गई. विशेषज्ञों ने उत्पाद की पहचान को सुरक्षित रखने और उसके कीमत को बढ़ाने के लिए टैग हासिल करने के महत्व पर जोर दिया.
एमआईटीएस के एसोसिएट डीन (आरएंडडी) डॉ. पी. शिवैया ने कहा कि जीआई टैग प्राप्त करने से मदनपल्ली की टमाटर बाजार में एक बेहतर उत्पाद के रूप में स्थापित हो जाएगा. यह कदम किसानों के हितों की रक्षा करेगा साथ ही क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा और मदनपल्ली टमाटर की वैश्विक प्रतिष्ठा को बढ़ाएगा.
§֍:GI टैग से बाजार में बढ़ेगा डिमांड §ֆ:टमाटर उत्पादक संघ का प्रतिनिधित्व करने वाले एन विनायक रेड्डी ने आशा व्यक्त की है कि जीआई टैग पहल न केवल मदनपल्ली टमाटर की पहचान को संरक्षित करेगी, बल्कि उनकी बाजार में डिमांड को भी बढ़ाएगी, जिससे इस क्षेत्र के किसानों को फायदा होगा. वहीं, हितधारकों को उम्मीद है कि यह कदम मदनपल्ली की कृषि सफलता में एक मील का पत्थर साबित होगा.§֍:जानिए क्या होता है जीआई टैग?§ֆ:जीआई टैग का मतलब बिल्कुल सामान्य सा है. इसका पूरा नाम Geographical Indication Tag होता है. यह टैग मिलने के बाद कोई भी वस्तु उस क्षेत्र या राज्य के लिए विशेष होती है. जीआई टैग किसी वस्तु की विशेषता और उसकी गुण को अच्छी तरह से जांचने परखने के बाद दिए जाने का प्रावधान है. हालांकि, ऐसा नहीं है कि एक वस्तु को केवल एक ही जगह पर जीआई टैग दिया जा सकता है. एक ही वस्तु को अलग-अलग राज्यों में भी जीआई टैग दिया जा सकता है जो उसकी विशेषता के आधार पर लागू होगा.§आंध्र प्रदेश में टमाटर की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है. वहीं, मदनपल्ली की टमाटर अपने बेहतरीन क्वालिटी लिए मशहूर है. मदनपल्ली की टमाटर अपने विशिष्ट उत्पाद के लिए भौगोलिक संकेत यानी जीआई टैग हासिल कर सकता है. ये टमाटर अपने असाधारण स्वाद, बनावट और सुगंध के लिए इस क्षेत्र की कृषि विरासत की पहचान है.

