֍:इजरायल जा रहे भारतीय कर्मचारी §ֆ:युद्ध के बीच इजरायल की कंपनियों द्वारा भारतीय मजदूरों की भर्ती को लेकर यहां के ट्रेड यूनियनों ने विरोध भी जताया है. आलोचकों का कहना है कि युद्ध के बीच इजरायल द्वारा भारतीय श्रमिकों की भर्ती करना जोखिमों से भरा है. सरकार को श्रमिकों की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता देने की जरूरत है. हालांकि, जोखिमों के बावजूद भारतीय श्रमिक इजरायल में काम करने के अवसर को गरीबी से उबरने और अपनी आर्थिक स्थिति को ठीक करने के रूप में देख रहे हैं.
§֍:इजरायल में क्या काम कर रहे हैं भारतीय श्रमिक?§ֆ:अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट scmp के मुताबिक, इजरायल की कंपनियां लगभग 10 हजार से ज्यादा लोगों को काम करने के लिए इजरायल ले जा चुकी हैं. जिनमें से तीन हजार बढ़ई, तीन हजार वेल्डर्स, दो हजार टाइल्स लगाने वाले और लगभग दो हजार प्लस्तर करने वाले हैं.
§֍:मई 2022 में दोनों देशों के बीच हुआ था समझौता§ֆ:मई 2022 में इजरायल के विदेश मंत्री एली कोहेन भारत दौरे पर आए थे. इसी दौरान भारत सरकार ने इजरायल सरकार को 42 हजार भारतीय श्रमिकों को काम पर ले जाने की अनुमति दी थी. रिपोर्ट के मुताबिक, 42 हजार में से सबसे ज्यादा 34 हजार लोग कंस्ट्रक्शन कार्य के लिए चाहिए थे. वहीं, आठ हजार नर्स की जरूरत थी.
लेकिन अक्टूबर में हमास और इजरायल के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद इजरायल की निर्माण कंपनियों ने कथित रूप से फिलिस्तीनी मजदूरों के बदले 10 हजार भारतीय मजदूरों को काम पर रखने के लिए सरकार से अनुमति मांगी. जिसके बाद इजरायल की कंपनियां हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान जैसे राज्यों से कामगारों को ले गई हैं.
§֍:मोटा वेतन दे रहा है इजरायल§ֆ:भारत में इजरायल में काम करने के लिए चलाए जा रहे विज्ञापनों में कहा जा रहा है कि श्रमिकों को प्रति माह $1,400 (1,16,383 रुपये) से $1,700 (1,41,323 रुपये) तक वेतन दिया जाएगा. §हमास से जारी युद्ध के कारण इजरायल ने हजारों फिलिस्तीनी कामगारों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ऐसे में इजरायल में कामगारों की कमी हो गई. जिसके बाद इजरायल ने हजारों की संख्या में भारतीय श्रमिकों की भर्ती की है. इजरायल की कंपनियां भारतीय श्रमिकों को मोटी सैलरी पर काम पर ले गई है.

