आईसीएआर-कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), लोंगलेंग ने आईसीएआर-अटारी (Zone-VII) के नवम स्थापना दिवस पर तीन महत्वपूर्ण पुरस्कार हासिल कर जिले और राज्य का नाम रोशन किया। यह आयोजन उमियम, मेघालय में आयोजित किया गया था।
लोंगलेंग के केवीके को वर्ष 2024–25 के लिए “नगालैंड का सर्वश्रेष्ठ कृषि विज्ञान केंद्र”, “विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA) का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनकर्ता पुरस्कार”, और “कृषि गौरव पुरस्कार 2025″ से सम्मानित किया गया। यह जानकारी डीआईपीआर रिपोर्ट में दी गई।
महिला किसान को मिला कृषि गौरव पुरस्कार
कृषि गौरव पुरस्कार से तामलू ब्लॉक के कांगचिंग गांव की किसान श्रीमती एम. दाओजे फोम को सम्मानित किया गया। उन्होंने जैविक खेती और महिला स्व-सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से महिला सशक्तिकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। वे 5 हेक्टेयर के एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) का संचालन करती हैं, जिसमें फसल उत्पादन, पशुपालन और मत्स्य पालन शामिल है। उनके नेतृत्व में 102 महिला समूह मिलेट आधारित पोषण और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़े कार्य कर रहे हैं।
डॉ. हरि चरण कलिता के नेतृत्व में मिली सफलता
KVK लोंगलेंग को यह सफलता वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. हरि चरण कलिता और उनकी टीम के नेतृत्व में मिली है। टीम ने दूरस्थ क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देने और किसानों को प्रशिक्षण प्रदान करने में सराहनीय कार्य किया है। कार्यक्रम के दौरान पुरस्कार प्रदान करने के लिए मेघालय की कृषि मंत्री डॉ. एम. अम्परीन लिंगदोह, ICAR और राज्य के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
VKSA अभियान में असाधारण प्रदर्शन
KVK लोंगलेंग ने “विकसित कृषि संकल्प अभियान (VKSA) 2025″ के अंतर्गत 91 गांवों में 117 कार्यक्रमों के माध्यम से 16,847 किसानों तक अपनी पहुंच बनाई। इस दौरान एसएमएस शुभेंदु कुमार बेहेरा, डॉ. लिली न्गुली, और डॉ. कालू राम के नेतृत्व में मृदा स्वास्थ्य, कीट प्रबंधन, प्राकृतिक संसाधनों के उपयोग और फसल-पशु एकीकरण पर जागरूकता अभियान चलाए गए।
इसके अतिरिक्त, टीम ने मक्का फॉल आर्मीवॉर्म और पपीता की विषाणुजनित बीमारियों के प्रबंधन पर प्रदर्शन भी किए। साथ ही हल्दी प्रसंस्करण, स्मोक्ड मीट, जैम और मिलेट उत्पादों पर कौशल प्रशिक्षण दिया गया और पीएम-किसान, ई-नाम जैसी सरकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट कार्य
KVK की टीम ने पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में स्थित अनपंजीकृत गांवों तक पहुंच बनाकर वहां के किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं से जोड़ने का काम किया। इस दौरान ग्रामीण समुदायों में जागरूकता और प्रेरणा का नया संचार हुआ।
ICAR नागालैंड केंद्र के प्रमुख डॉ. होमेश्वर कलिता ने इसे कोंडलेंग KVK और क्षेत्र के किसानों की एक सामूहिक उपलब्धि बताया।
यह सफलता लोंगलेंग जिले के किसानों के लिए एक प्रेरणास्रोत है और यह साबित करती है कि समर्पित प्रयासों से दूरस्थ क्षेत्रों में भी कृषि नवाचार और सशक्तिकरण को साकार किया जा सकता है।

