ֆ:इस मौके पर केंद्र के मृदा वैज्ञानिक डॉ. संदीप प्रकाश उपाध्याय और उद्यान वैज्ञानिक डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव ने किसानों से संवाद कर उन्हें खरीफ फसलों की नई उन्नत तकनीकों, संतुलित उर्वरक प्रबंधन, मृदा परीक्षण और प्राकृतिक खेती के लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि धनंजय सिंह, सहायक विकास अधिकारी ए.के. शुक्ला, तथा कृषि विभाग के अधिकारी संजय श्रीवास्तव और अमूल्य तिवारी भी उपस्थित रहे।§ֆ:डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव ने किसानों को बेमौसमी सब्जी उत्पादन के प्रति जागरूक करते हुए बताया कि यह तकनीक न केवल उनकी आय बढ़ा सकती है, बल्कि स्थानीय बाजारों में ताजा सब्जी की निरंतर आपूर्ति भी सुनिश्चित करती है। उन्होंने उद्यानिकी के व्यावसायिक अवसरों की भी जानकारी दी।कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किसानों की प्रतिक्रियाएं और नवाचारों के बारे में बताया गया, जिससे ग्रामीण स्तर पर हो रहे नवाचारों को आगे बढ़ाने में मदद मिल सके।§ֆ:इस जागरूकता अभियान में कृषि विभाग के करीब आधा दर्जन कर्मचारी और प्रत्येक गांव से सैकड़ों किसान बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें टिकाऊ खेती के प्रति प्रेरित करना रहा। इस तरह के कार्यक्रम ग्रामीण किसानों के लिए न केवल मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ठोस कदम भी साबित होते हैं।§”विकसित भारत-2025, विकसित गांव-2025″ के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से चल रहे विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत बुधवार को खोराबार ब्लॉक के ग्राम मोतीराम अड्डा, गहिरा और बरगदवा में महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र की टीम ने किसानों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया।

