֍:1. एग्रोकेमिकल के क्षेत्र में कैसे काम कर रहा PMFAI?§ֆ:पेस्टिसाइड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड फॉर्म्युलेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (PMFAI) 250 से अधिक भारत-आधारित कीटनाशक निर्माताओं, फॉर्म्युलेटर्स और व्यापारियों का प्रतिनिधित्व करता है। पीएमएफएआई सदस्य कंपनियां भारत में संभावित लगभग सभी फसल सुरक्षा उत्पादों का निर्माण, बिक्री और वितरण करती हैं।पीएमएफएआई विभिन्न अनुसंधान और सामाजिक समाज भागीदारों के साथ-साथ दुनिया भर में समान हित वाले कई कीटनाशक संघों के साथ काम करता है। पारदर्शिता और अंतिम उपयोगकर्ता लाभ हमारे काम के मूल में समाहित हैं। पीएमएफएआई का सीसीपीआईए आदि के साथ स्थायी सहयोग है, पीएमएफएआई का भारत में सीसीएफआई और सीएलआई के साथ घनिष्ठ संबंध है और यह दुनिया भर के कीटनाशक संघों के साथ अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर संवाद बनाए रखता है। हम यूरोपीय संघ के देशों में पेटेंट, ऑफ-पेटेंट और जेनेरिक कीटनाशकों के पंजीकरण और/या सुरक्षा के लिए नियामक और वैज्ञानिक डेटा उत्पन्न करने के लिए सदस्यों के बीच सहयोग का प्रबंधन भी करते हैं।
§֍:2. कब और कैसे हुई PMFAI के इस कार्यक्रम की शुरुआत ?§ֆ:पीएमएफएआई का यह कार्यक्रम 1997 से आईसीएससीई के साथ मिलकर आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को दुंबई, गोवा समेत कई अलग- अलग जगह आयोजित किया जा चुका है। इस बार पेस्टिसाइड्स मैन्युफैक्चरर्स एंड फॉर्म्युलेटर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (Pesticides Manufacturers and Formulators Association of India)(पीएमएफएआई) द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम न्यू दिल्ली स्थित होटल ‘अंदाज’ में किया गया। इस बैठक को ‘क्रेता-विक्रेता 2024’ फसल विज्ञान सम्मेलन और विज्ञान प्रदर्शनी का नाम दिया गया। इस कार्यक्रम में भारत और मध्य पूर्व, एशिया प्रशांत, दक्षिण पूर्व एशिया, लैटिन अमेरिका और संयुक्त राज्य अमेरिका के देशों से 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस दौरान पीएमएफएआई के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दवे ने बताया कि 1997 से लेकर 2024 तक हमारी संस्था ने कई कार्यक्रम और बैठकों का आयोजन किया है। आज हमारा एक्सपोर्ट दुनियाभर के देशों में हैं। आज भारत दुनिया भर में दूसरा सबसे बड़ा पेस्टिसाइड्स एक्सपोर्ट करने वाला देश बन चुका है। हमारा केवल एक ही लक्ष्य है, मेक इन इंडिया, मेड इन इंडिया एंड भारतीय पेस्टिसाइड्स इंडस्ट्री को प्रोमोट करना, ताकि भारत इस क्षेत्र में पहला स्थान हासिल कर सके।
§֍:3. क्रेता-विक्रेता बैठक 2024 में एग्रोकेमिकल क्षेत्र की कितनी कंपनियों ने हिस्सा लिया?§ֆ:‘क्रेता- विक्रेता बैठक 2024’ में करीब 900 से ज्यादा डेलिगेट्स और 1000 से ज्यादा एग्रोकेमिकल क्षेत्र से जुड़ी कई कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में कृषि क्षेत्र में हो रहे बदलावों और मांग पर खासा चर्चा की गई। बैठक में इंडस्ट्री के कई बड़े लोग शामिल हुए जिसमें, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की सचिव डॉ. अर्चना सिन्हा, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के पादप संरक्षण सलाहकार डॉ. जेपी सिंह, एसएमएल लिमिटेड के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दीपक शाह समेत कान बायोसिस की मैनेजिंग डायरेक्टर संदीपा कनितकर ने हिस्सा लिया। इस दौरान प्रदीप दवे ने कहा कि कृषि में फसल सुरक्षा और रोग नियंत्रण के महत्व पर प्रकाश डालना आवश्यक है।
§֍:4. इस तरह की बैठक का किसानों को कैसे लाभ मिलता है?§ֆ:इस तरह की बैठक में किसानों की भागीदारी तो नहीं देखने को मिलती, लेकिन जिन विषयों पर यहां चर्चा की जाती है उनमें किसानों की भूमिका अहम रहती है। आज एग्रोकेमिकल क्षेत्र की बात करें तो हम किसानों तक पहुंचने के लिए कई तरह की रणनीतियों पर काम कर रहे हैं, जिनमें हमारी टीम द्वारा, मार्केटिंग, आरएनडी, डेमोंस्ट्रेशन, जिला और तालुका लेवल पर किया जाता है। लेकिन आज का किसान काफी जागरुक है, आज किसान डिजिटल माध्यम से अपनी जरुरतों को पूरा करने के योग्य हो गया है। गांव-गांव में डिजिटलाइजेशन ने किसानों की जिंदगी को बदलकर रख दिया है। आज किसानों को जागरुक करने के लिए कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र अहम भूमिका निभा रहा है। यह कहना गलत नहीं होगा कि, भारत सरकार के ‘डिजिटल मिशन’ ने कृषि को नई दिशा दी है। साथ ही भारत ‘फूड प्रोडक्शन’ के मामले में दूसरा सबसे बड़ा देश बन चुका है। जिसमें किसानों का अहम योगदान है।
§ֆ:§पेस्टिसाइड्स इंडस्ट्री के सबसे बड़े कार्यक्रम का आगाज न्यू दिल्ली स्थित, एयरोसिटी के अंदाज होटल में किया गया। इस कार्यक्रम आयोजन पीएमएफएआई द्वारा किया गया। क्रेता- विक्रेता बैठक 2024 का आयोजन 2-3 सितंबर को किया गया। जिसमें एग्रोकेमिकल इंडस्ट्री की कई जानी- मानी कंपनियों ने हिस्सा लिया। तो क्या है पीएमएफएआई का यह कार्यक्रम जिसकी शुरुआत 1997 से हो चुकी है। कार्यक्रम को लेकर फसल क्रांति की पत्रकार फिजा काजमी ने बात की PMFAI के अध्यक्ष डॉ. प्रदीप दवे से, पेश हैं उनसे बातचीत के प्रमुख अंश।

