ֆ:उन्हें लगता है, मोदी को कैसे घेरा जाए. क्योंकि आज की स्थिति में अमेरिका भी इतना साहस नहीं कर सकता कि वह भारत से कुट्टी कर ले. इसकी वजह है, चीन की लगातार बढ़त. चीन को रोकने के लिए उन्हें भारत की मदद चाहिए. भारत के चीन के साथ संबंध मैत्रीपूर्ण नहीं हैं मगर रूस और चीन के संबंध प्रगाढ़ हैं.
ऐसे में भारत के प्रधानमंत्री का रूस जाना और रूस द्वारा वहां का सर्वोच्च नागरिक सम्मान- ‘ऑर्डर ऑफ सेंट एंड्रयू द एपोस्टल’ प्रदान किया गया. भारत के प्रधानमंत्री को यह पुरस्कार मिलना अमेरिका की आंखों में खटक रहा है. भारत आज एक बहुत बड़ा उपभोक्ता बाजार तो है ही हथियार खरीद भी खूब करता है. इसलिए उनको भारत का एंटी अमेरिका खेमे की तरफ मित्रता बढ़ाना बाइडेन को खटकेगा ही.
§तीसरी बार प्रधानमंत्री बनते ही नरेंद्र मोदी पहले धुर दक्षिणपंथी देश इटली गए और उसके तत्काल बाद उन्होंने रूस की यात्रा की. वहां 24 घंटे रुक कर वे ऑस्ट्रिया चले गए. प्रधानमंत्री मोदी की इस अदा से पश्चिमी देश भौंचक है.

