• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

जानें क्या है ‘केज कल्चर तकनीक’ मछली पालन के लिए जिसका हो रहा इस्तेमाल

Fiza by Fiza
July 2, 2024
in कृषि समाचार
0
जानें क्या है ‘केज कल्चर तकनीक’ मछली पालन के लिए जिसका हो रहा इस्तेमाल
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

֍:क्या है केज कल्चर तकनीक?§ֆ:केज कल्चर मछली पालन की वह तकनीक है, जिसमें जलाशय में निर्धारित जगह पर फ्लोटिंग केज यूनिट बनाए जाते हैं. सभी यूनिट एक दूसरे से जुड़े होते हैं. एक यूनिट में चार घेरा होते हैं. एक घेरा 6 मीटर लंबा, चार मीटर चौड़ा और चार मीटर गहरा होता है. प्लास्टिक के बने घेरे के चारों तरफ मजबूत जाल होता है. इसे कछुआ या अन्य जलीय जीव काट नहीं सकते हैं. पानी में तैरते हुए इसी जाल के घेरे में मछली पालन किया जाता है.

§֍:ऐसे काम करेगी योजना §ֆ:इन जालों में ऊंगली की साइज की मछलियां पालने के लिए छोड़ी जाती है. मछलियों को प्रतिदिन आहार दिया जाता है और यह मछलियां पांच महीने में एक से सवा किलो की हो जाती है. मछली पालन की यह तकनीक जलाशय मत्स्य विकास योजना के तहत शुरू की जा रही है. इस योजना की खास बात है जलाशय के मूल उद्देश्य को प्रभावित किए बिना मछली उत्पादकता को बढ़ाना.

§֍:केज तकनीक से मछली पालन के फायदे§ֆ:
तालाब या झील की तुलना में केज में मछलियों का विकास तेजी से होता है. इसमें मछलियां स्वस्थ्य एवं सुरक्षित रहती हैं. वहीं, मछलियों को आहार देना भी आसान है. इसमें मछलियों के बीमार होने की संभावना कम होती है, क्योंकि बाहरी मछलियों से संपर्क नहीं होता और संक्रमण का भी खतरा नहीं होता है. मछली पालक अपनी जरूरत और मांग के हिसाब से केज से मछली निकाल सकते हैं और जरूरत नहीं होने पर मछलियों को केज में ही छोड़ा जा सकता है. इससे कोई नुकसान नहीं होता बल्कि मछलियों को और बढ़ने का मौका मिल जाता है.

§֍:जिला मत्स्य पदाधिकारी ने दी जानकारी§ֆ:जिला मत्स्य पदाधिकारी मनीष रस्तोगी ने बताया कि जिले में केज कल्चर तकनीक से पहली बार मछली उत्पादन शुरू किया जा रहा है. इसके लिए खड़गपुर झील में 17 केज कल्चर यूनिट लगाया गए हैं. समय और लागत के हिसाब से यह तकनीक मछली पालकों के लिए फायदेमंद है. उन्होंने बताया कि मत्स्य पालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार की जलाशय मत्स्य विकास योजना के तहत 51 लाख रुपये की लागत से मत्स्य पालक चंदन कुमार यूनिट लगाया गया है, जिसमे सरकार लाभार्थियों को 70 प्रतिशत सब्सिडी दे रही है.

§मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए बिहार के मुंगेर जिले में केज कल्चर तकनीक से पहली बार मछली उत्पादन शुरू किया जा रहा है. केज कल्चर को नेट पेन कल्चर के नाम से भी जाना जाता है. इसके लिए खड़गपुर झील का चयन करके पानी पर तैरता हुआ 17 यूनिट का केज लगाया गया है, जहां केज कल्चर तकनीक से मछली पालन शुरू किया गया है.

Previous Post

बीसीसीएल बीएफएसआई कौशल विकास प्रशिक्षण के द्वारा युवाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद

Next Post

बड़ा हासदा, भोले बाबा सत्संग में मची अफरातफरी, कई लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

Next Post
बड़ा हासदा, भोले बाबा सत्संग में मची अफरातफरी, कई लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

बड़ा हासदा, भोले बाबा सत्संग में मची अफरातफरी, कई लोगों की मौत, बचाव कार्य जारी

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.