֍:बजट से पहले इकनॉमिक सर्वे आएगा §ֆ:1 फरवरी को बजट पेश होने से पहले 31 जनवरी को इकनॉमिक सर्वे पेश किया जाएगा. इकनॉमिक सर्वे के जरिए सरकार देश का लेखाजोखा पेश करती है यानी इकनॉमिक सर्वे के आंकड़े सामने रखती है. यह सर्वे बेहद महत्वपूर्ण होता है और यह स्पष्ट करता है कि देश की सेहत कैसी है.
§֍:एग्रीकल्चर बजट क्या होता है §ֆ:एग्रीकल्चर बजट का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है. सरकार कृषि क्षेत्र की कई योजनाओं को किसानों, ग्रामीणों तक पहुंचाने के अपने उद्देश्य को पूरा करने के लिए एग्रीकल्चर बजट के तहत आमदनी और खर्च की जाने वाली रकम निर्धारित करती है.
एग्रीकल्चर बजट मुख्य रूप से 4 बिंदुओं पर आधारित होता है या यूं कह लें कि इसके 4 मुख्य हिस्से होते हैं-
1. कृषि
2. कृषि शिक्षा
3. कृषि अनुसंधान
4. किसान कल्याण
सरकार आमतौर पर इन्हीं हिस्सों को आधार बनाकर एग्रीकल्चर बजट तय करती है और योजनाओं के लिए रकम अलॉट करती है.
§केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण आगामी 1 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट पेश करने जा रही हैं, यह लगातार उनका आठवां बजट होने वाला है. इस बार कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र के लिए अधिक राशि आवंटन की उम्मीद की जा रही है. एक्सपर्ट का कहना है कि इस बजट में दलहन, तिलहन मिशन के साथ ही ऑर्गनिक और नेचुरल फार्मिंग के साथ ही क्लाइमेट से निपटने के लिए खास बजट अलॉट होने की उम्मीद की जा रही है. पिछली बार कृषि और संबद्ध क्षेत्र के लिए 1.52 लाख करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था और उससे यह रकम 1.47 लाख करोड़ रुपये थी. इस बार कृषि क्षेत्र के लिए बजट आवंटन 1.60 लाख करोड़ के पार होने की संभावना है.

