֍:डीएपी और एनपीके§ֆ:विशेषज्ञों द्वारा माना गया है कि गुलाब के पौधे में अच्छी बढ़त और ताजगी बरकरार रखन के लिए खेत में एनपीके और डीएपी का उपयोग सबसे ज्यादा लाभकारी है. इसमें एनपीके का मतलब नाइट्रोजन, फॉस्फोगरस और पोटेशियम होता है. वहीं, डीएपी यानी डायमोनियम फॉस्फेसट और इसमें एनपीके का भी कुछ हिस्साे होता है. मिट्टी में फॉस्फोपरस की कमी होने पर इनका उपयोग खेत में किया जाता है. गुलाब के लिए डीएपी को सबसे अच्छाक उर्वरक माना जाता है. मिट्टी के पीएच और उसमें मौजूद मिनिरल्सर गुलाब के लिए बहुत जरूरी होते हैं. ऐसे में विशेषज्ञ बगीचे में उगाए जाने वाले गुलाब के लिए डीएपी के प्रयोग की सलाह देते हैं. §֍:क्या जरूरी है उर्वरक डालना?§ֆ:गुलाब के पौधों में अच्छी उपज लाने के लिए उर्वरकों का इस्तेमाल जरूरी है. लेकिन तभी जब आपके खेत की मिट्टी में मिनरल्स की कमी हो, नहीं तो खेत में उर्वरक की जरूरत नहीं पड़ती. बल्कि, उर्वरकों के अधिक इस्तेमाल से खेत में मौजूद फसल खत्म हो सकती है. विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि एनपीके पौधे को बढ़ने के लिए जरूरी पोषक तत्व प्रदान करते हैं. नाइट्रोजन पत्तियों को सहारा देता है, फॉस्फोरस जड़ और फूल को बढ़ने में मदद करता है और पोटेशियम संपूर्ण पौधे की हेल्थे को बरकरार रखता है. DAP, फॉस्फोरस उर्वरक का एक प्रकार है, जो गुलाब को भी फायदा पहुंचा सकता है, खासतौर पर जब वह बढ़ रहा हो और फूल आने की शुरुआत हो रही हो. §भारत में किसान बागवानी की ओर बढ़ रहे हैं. बाजार की डिमांड को देखते हुए किसान खेत में गुलाब के पौधे को काफी ज्यादा लगा रहे हैं. ऐसे में मार्केट में किसानों को गुलाब की खेती से काफी मुनाफा भी हो जाता है. मगर कई किसानों को पौध में डालने के लिए उर्वरक की जानकारी न होने के कारण काफी नुकसान भी उठाना पड़ता है. ऐसे में विशेषज्ञों ने गुलाबृ क पौध के बारे में जानकारी दी है, जिसे हम फसल क्रांति द्वारा साझा करेंगे.

