कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने 8 अगस्त 2025 तक खरीफ फसलों के क्षेत्रफल कवरेज की ताज़ा रिपोर्ट जारी की है। रिपोर्ट के अनुसार इस वर्ष कुल 995.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों की बुवाई हो चुकी है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि (957.15 लाख हेक्टेयर) की तुलना में 38.48 लाख हेक्टेयर अधिक है।
धान की बुवाई में उल्लेखनीय वृद्धि
धान की बुवाई में सबसे अधिक बढ़त दर्ज हुई है। इस वर्ष अब तक 364.80 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई की गई है, जो पिछले साल से 39.45 लाख हेक्टेयर अधिक है। धान की बुवाई के अच्छे आंकड़े बेहतर मानसून और किसानों की बढ़ती तैयारी को दर्शाते हैं।
दालों में मामूली वृद्धि, तूर में कमी
दालों का कुल क्षेत्रफल 106.68 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष से 0.16 लाख हेक्टेयर अधिक है। हालांकि तूर (अरहर) की बुवाई में 2.02 लाख हेक्टेयर की कमी दर्ज की गई है। इसके विपरीत उड़द, मूंग और माठ (मौथ) की बुवाई में हल्की वृद्धि देखी गई है।
मोटे अनाज और मक्का में अच्छी बढ़त
मोटे अनाज का कुल क्षेत्रफल 178.73 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल से 7.77 लाख हेक्टेयर ज्यादा है। इनमें मक्का की बुवाई में सबसे अधिक 8.74 लाख हेक्टेयर की बढ़त दर्ज की गई है, जबकि ज्वार और बाजरा में मामूली कमी आई है।
तेलहन में गिरावट
तेलहन फसलों का कुल क्षेत्रफल 175.61 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष की तुलना में 6.82 लाख हेक्टेयर कम है। सोयाबीन, मूंगफली और तिल जैसी प्रमुख फसलों की बुवाई में कमी देखी गई, जबकि रेंड़ी (कैस्टर) में कुछ बढ़त दर्ज हुई।
अन्य प्रमुख फसलों की स्थिति
- गन्ने का रकबा 31 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले साल से 1.64 लाख हेक्टेयर अधिक है।
- जूट और मेस्ता की बुवाई में 18 लाख हेक्टेयर की कमी आई है।
- कपास का क्षेत्रफल 96 लाख हेक्टेयर रहा, जो पिछले वर्ष से 3.53 लाख हेक्टेयर कम है।
कुल मिलाकर खरीफ फसलों की बुवाई का रुझान इस वर्ष सकारात्मक है। विशेष रूप से धान और मक्का की बुवाई में अच्छी वृद्धि से आने वाले महीनों में उत्पादन के बेहतर अनुमान लगाए जा रहे हैं।

