खरीफ 2025-26 के लिए बुवाई कार्य अभी जारी है और सभी प्रमुख खरीफ फसलों के पहले अग्रिम अनुमान अभी जारी नहीं किए गए हैं। पिछले तीन वर्षों में खरीफ सीजन के दौरान विभिन्न फसलों के कुल रकबे में वर्ष-दर-वर्ष हुए बदलाव और उत्पादन में वृद्धि/कमी के आंकड़े कृषि एवं किसान कल्याण विभाग (DA&FW) द्वारा जारी किए गए हैं।
सरकार ने कम वर्षा या अधिक वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को सहायता देने और संभावित फसल नुकसान को कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। इनमें प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शामिल है, जिसे 2016 में शुरू किया गया था। यह योजना किसानों को बुवाई से लेकर कटाई के बाद तक प्राकृतिक आपदाओं से फसल सुरक्षा प्रदान करती है और नुकसान की भरपाई के लिए सरल एवं किफायती बीमा सुविधा उपलब्ध कराती है। यह योजना मांग आधारित है और सभी किसानों के लिए उपलब्ध है।
आपदा प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होती है। राज्य सरकारें राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (SDRF) से प्रभावित लोगों को वित्तीय सहायता देती हैं। गंभीर आपदा की स्थिति में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया कोष (NDRF) से अतिरिक्त मदद दी जाती है। वर्ष 2025 में अब तक किसी राज्य सरकार ने सूखे के लिए NDRF से वित्तीय सहायता का अनुरोध नहीं किया है।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन (NFSNM) भी देश के सभी 28 राज्यों और 2 केंद्रशासित प्रदेशों – जम्मू-कश्मीर और लद्दाख – में लागू है। इसका उद्देश्य खाद्यान्न उत्पादन में क्षेत्र विस्तार और उत्पादकता वृद्धि के माध्यम से बढ़ोतरी करना है। इसके तहत किसानों को नई किस्मों के प्रमाणित बीज, फसल सुरक्षा तकनीक, पोषक तत्व और कीट प्रबंधन, फसल प्रणाली आधारित प्रदर्शन, और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं दी जाती हैं।
मुख्य खरीफ फसलों के रकबे में बदलाव (2024-25 बनाम 2023-24):
- धान: 6.58% वृद्धि (434.13 लाख हेक्टेयर)
- मक्का: 1.21% वृद्धि (84.30 लाख हेक्टेयर)
- तूर: 4.77% वृद्धि (43.28 लाख हेक्टेयर)
- उड़द: 21.63% कमी (21.01 लाख हेक्टेयर)
- मूंग: 6.84% वृद्धि (33.91 लाख हेक्टेयर)
- मूंगफली: 23.52% वृद्धि (49.95 लाख हेक्टेयर)
- सोयाबीन: 2.25% कमी (129.57 लाख हेक्टेयर)
- गन्ना: 6.66% कमी (53.58 लाख हेक्टेयर)
- कपास: 11.49% कमी (112.30 लाख हेक्टेयर)
उत्पादन में बदलाव (2024-25 बनाम 2023-24):
- धान: 7.59% वृद्धि (1218.54 लाख टन)
- मक्का: 11.68% वृद्धि (248.43 लाख टन)
- तूर: 4.21% वृद्धि (35.61 लाख टन)
- उड़द: 18.83% कमी (13.02 लाख टन)
- मूंग: 51.39% वृद्धि (17.47 लाख टन)
- मूंगफली: 19.72% वृद्धि (103.68 लाख टन)
- सोयाबीन: 16.21% वृद्धि (151.80 लाख टन)
- गन्ना: 0.67% कमी (4501.16 लाख टन)
- कपास: 5.63% कमी (306.92 लाख गांठ; 1 गांठ = 170 किग्रा)
कृषि मंत्रालय के अनुसार, सरकार किसानों को तकनीकी सहायता, बीमा कवरेज और उत्पादन बढ़ाने के लिए निरंतर कदम उठा रही है, जिससे खरीफ फसलों की उत्पादकता और किसानों की आय में स्थायी सुधार हो सके।

