֍:धान की पौध रखें ध्यान §ֆ:कृषि विज्ञान नियामतपुर के प्रभारी डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि धान की लंबी अवधि वाली किस्म की पौध 15 से 20 मई तक लगा देनी चाहिए, लेकिन महीन किस्मों वाली धान की पौध अभी नहीं बोनी चाहिए. डॉ. त्रिपाठी ने आगे बताया कि पौध लगाते वक्त अगर किसान अच्छी किस्मों का चयन करें और बीज और मृदा का शोधन करके पौध लगाएं, तो धान की फसल में कीट नहीं लगेंगे, उत्पादन भी अच्छा मिलेगा.
§֍:ऐसे तैयार करें पौधे§ֆ:डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि पौध लगाने से पहले खेत को अच्छी तरह से जोतकर मिट्टी को भुरभुरा कर लें. 2 किलोग्राम प्रति एकड़ के हिसाब से ट्राइकोडर्मा डालकर भूमि का शोधन भी कर लें. उसके बाद एक मीटर चौड़ाई रखते हुए क्यारियां बना लें. किसान क्यारी की लंबाई अपनी सुविधानुसार रख सकते हैं. क्यारी बनाकर पौध की बुवाई करने से पानी की खपत कम होगी. साथ ही किसान क्यारी की मेड़ पर बैठकर खरपतवार प्रबंधन भी कर सकेंगे और पौध खराब नहीं होगी.
§֍:धान की नर्सरी के लिए कितना बीज चाहिए§ֆ:डॉ. एनसी त्रिपाठी ने बताया कि खेत को अच्छे से तैयार करने के साथ-साथ धान की किस्म का चयन करना भी बेहद जरूरी है. किसान अपने क्षेत्र के लिए स्वीकृत किस्मों का ही चयन करें. 15 बीघा धान की रोपाई करने के लिए एक बीघा में बीज की बुवाई करें. एक हेक्टेयर धान की रोपाई के लिए 20 से 25 किलो मोटे धान की पौध तैयार कर लें. महीन धान और संकर किस्म के लिए करीब 15 से 17 किलो बीज की आवश्यकता होती है.
§गेहूं की फसल कटने के बाद अगली फसल धान की रोपाई के लिए पौध तैयार किए जाते हैं. आमतौर पर धान की रोपाई जून के दूसरे सप्ताह से शुरू हो जाती है. ऐसे में किसानों को धान की रोपाई से पहले पौध तैयार करनी होती है. कृषि वैज्ञानिकों का कहना है कि धान की रोपाई से पहले पौध को अच्छे से तैयार कर लें, तो धान की फसल कीट रहित रहेगी और किसानों को अच्छा उत्पादन मिलेगा.

