कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री एक बार फिर अपनी कहानी कहने के अनोखे अंदाज और दर्शकों के दिलों तक पहुंचने की क्षमता से बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रही है। ऋषभ शेट्टी की ‘कांतारा’ और ‘महावतार नरसिम्हा’ जैसी फिल्मों के बाद अब एक्टर-डायरेक्टर जे.पी. थुमिनाड की फिल्म ‘सू फ्रॉम सो’ ने साउथ इंडियन सिनेमा में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मात्र 6 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने 17 दिनों में 63 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर 900% से अधिक मुनाफा कमाया है।
दर्शकों ने खुद बनाया हिट
फिल्म के प्रोड्यूसर-एक्टर राज बी शेट्टी के अनुसार, उन्होंने फिल्म की मार्केटिंग के लिए कोई बड़ी रणनीति नहीं बनाई। मैसूर और मैंगलोर में कुछ पेड प्रीव्यू शो के बाद उन्होंने दर्शकों से कहा, “हम अपनी फिल्म का प्रमोशन नहीं करेंगे, यह जिम्मेदारी आपकी है।” इसका नतीजा यह हुआ कि 25 जुलाई को बैंगलोर की 70 स्क्रीन्स पर रिलीज हुई फिल्म के शो पहले दिन से हाउसफुल होने लगे। दर्शकों की भीड़ को देखते हुए थिएटर्स ने सुबह 6 बजे के शो भी शुरू कर दिए।
मल्टी-लैंग्वेज सफलता
फिल्म ने पहले हफ्ते में ही कन्नड़ वर्जन में 6.45 करोड़ रुपये कमाकर अपने बजट को पार कर लिया। दूसरे हफ्ते से इसे मलयालम में डब किया गया, जिसने 10 दिन में 4 करोड़ रुपये की कमाई की। तेलुगू वर्जन भी सीमित स्क्रीन्स पर 3 दिन में 50 लाख रुपये कमा चुका है। अब अनिल थडानी की ए.ए. फिल्म्स ने इसके हिंदी डिस्ट्रीब्यूशन राइट्स खरीदे हैं, जिससे उत्तर भारत के दर्शक भी जल्द इसका लुत्फ उठा सकेंगे।
क्या है फिल्म की खासियत?
‘सू फ्रॉम सो’ एक ग्रामीण कॉमेडी-हॉरर फिल्म है, जो अपनी सादगी और मिट्टी की खुशबू के साथ दर्शकों से जुड़ती है। फिल्म का ट्रेलर ही इतना प्रभावी रहा कि मलयालम स्टार दुलकर सलमान और ‘पुष्पा’ के प्रोड्यूसर मैत्री मूवी मेकर्स ने इसे अपनी-अपनी भाषाओं में रिलीज करने का फैसला किया।
फिल्म की इस सफलता ने एक बार फिर साबित किया है कि अगर कहानी में दम हो तो छोटे बजट की फिल्में भी बड़े रिकॉर्ड तोड़ सकती हैं। अब देखना यह है कि हिंदी में इसका कैसा स्वागत होता है।

