उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी समारोह के समापन पर स्वतंत्रता संग्राम के वीर क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रभक्ति तथा स्वदेशी को जीवन का मंत्र बनाने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा, “स्वदेशी हमारे जीवन का ध्येय बने, स्वदेशी हमारे जीवन का मंत्र बने। हम जियेंगे स्वदेशी के लिए और मरेंगे देश के लिए।” 12
शहीदों को नमन और समारोह का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी ने शहीद क्रांतिकारियों की स्मृति में पीपल का पौधा लगाया, छोटी बच्चियों से राखी बंधवाई और उन्हें मिठाई व चॉकलेट भेंट की। उन्होंने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित एक पुस्तक का विमोचन किया और शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। संस्कृति विभाग द्वारा 1925 की ऐतिहासिक घटना का नाट्य मंचन भी प्रस्तुत किया गया, जिसने ब्रिटिश सरकार की नींव हिला दी थी 912।
काकोरी कांड की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
9 अगस्त 1925 को काकोरी के क्रांतिकारियों—पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्रनाथ लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद—ने ब्रिटिश सरकार के खजाने को लूटकर स्वतंत्रता संग्राम के लिए धन जुटाया था। यह रकम मात्र 4,600 रुपये थी, लेकिन अंग्रेजों ने इन्हें पकड़ने में 10 लाख रुपये खर्च कर दिए। कई क्रांतिकारियों को बिना सुनवाई फांसी दे दी गई, जबकि चंद्रशेखर आजाद ने अंतिम सांस तक संघर्ष किया 512।
‘हर घर तिरंगा’ और स्वदेशी का आह्वान
सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को दोहराते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त) पर प्रदेश के साढ़े चार करोड़ घरों में तिरंगा फहराया जाएगा। उन्होंने कहा, “जब हर घर में तिरंगा लहराएगा, तो विभाजनकारी ताकतों की मंशा टूटेगी।” 59
साथ ही, उन्होंने लोगों से विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी अपनाने की अपील की। उनका कहना था कि विदेशी उत्पादों से देश का धन बाहर जाता है, जो आतंकवाद को बढ़ावा दे सकता है। उन्होंने आगामी त्योहारों (रक्षाबंधन, दिवाली, दशहरा) पर स्वदेशी सामग्री खरीदने का आग्रह किया 12।
काकोरी ट्रेन एक्शन शताब्दी समारोह ने न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया, बल्कि वर्तमान पीढ़ी को राष्ट्रभक्ति और स्वदेशी की प्रेरणा भी दी। सीएम योगी के संदेश ने देशवासियों को आत्मनिर्भर बनने और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का आह्वान किया।

