विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) और शिक्षा मंत्रालय के राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने ‘कौशल भारत मिशन’ की 10वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में सप्ताहभर चलने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रमों की श्रृंखला का शुभारंभ किया। इस अवसर को उन्होंने ‘कौशल का दशक’ करार दिया और इस मिशन के देश में व्यापक प्रभाव को रेखांकित किया।
जयंत चौधरी ने कहा, “भारत के युवा हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। जब हम विकसित भारत 2047 की ओर अग्रसर हैं, तो उनकी कौशल, नवाचार और ऊर्जा ही हमारे भविष्य की दिशा तय करेगी।” उन्होंने कहा कि पिछले दस वर्षों में सरकार ने प्रशिक्षण, अप्रेंटिसशिप, उद्यमिता, वैश्विक अवसरों और पारंपरिक शिल्पों में व्यापक काम किया है, जिससे करोड़ों युवाओं को सशक्त किया गया है।
प्रमुख बातें:
- प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत अब तक 1.64 करोड़ युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया।
- 14,500 से अधिक औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITIs) में गुणवत्ता, शासन और मान्यता प्रणाली में सुधार हुआ।
- ITI पुनरुद्धार योजना के तहत ₹60,000 करोड़ के निवेश को मंजूरी मिली, जिसमें से ₹10,000 करोड़ CSR फंडिंग से आएंगे।
- 36% तक स्टाइपेंड वृद्धि सहित राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रोत्साहन योजना (NAPS) में बड़े सुधार प्रस्तावित।
- पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए विशेष योजना, जहां अप्रेंटिसशिप में ₹1,500 अतिरिक्त सहायता दी जाएगी।
- AI स्किलिंग पर विशेष कार्यक्रम की भी घोषणा, जो 22 जुलाई को भारत मण्डपम, नई दिल्ली में ‘भारत स्किलनेक्स्ट 2025’ कार्यक्रम के दौरान शुरू होगा।
श्री चौधरी ने कहा कि भारत में पहले विभिन्न मंत्रालयों में फैले स्किलिंग कार्यक्रमों को एकजुट कर समन्वित प्रयासों से ‘Whole-of-Government और Whole-of-Society’ दृष्टिकोण अपनाया गया, जिससे गुणवत्ता, पहुंच और पारदर्शिता में बढ़ोतरी हुई। उन्होंने यह भी बताया कि कैसे स्किल इंडिया मिशन ने भारत के युवाओं को घरेलू और वैश्विक स्तर पर परिवर्तनकारी ताकत बना दिया है।
उन्होंने राष्ट्रीय कौशल विकास और उद्यमिता नीति की भी घोषणा की, जो जल्द आने वाली है और जो देश के स्किलिंग पारिस्थितिकी तंत्र को पुनर्परिभाषित करेगी।
उन्होंने ITI सुधारों का भी उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले छह वर्षों में 4.5 लाख खाली सीटें डि-एफिलिएट की गई हैं और 99,000 सीटों पर कार्यवाही चल रही है, जो अप्रयुक्त रही हैं। इसके बावजूद, 2024 में ITI में दाखिले की दर 11% बढ़ी है, जो प्रणाली में बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
सप्ताहभर चलने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे:
- पूरे देश के ITI, स्किल सेंटर्स और शैक्षणिक संस्थानों में कार्यशालाएं, प्रदर्शनी और सेमिनार
- युवाओं के लिए इनोवेशन और अपस्किलिंग के अवसर
- शिक्षकों और ट्रेनर्स के योगदान का सम्मान
कार्यक्रम के अंत में श्री चौधरी ने कहा, “कौशल भारत मिशन केवल एक योजना नहीं, बल्कि युवाओं के सशक्तिकरण का राष्ट्रीय अभियान है, जो भारत को वैश्विक मंच पर आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी बनाएगा।” ‘भारत स्किलनेक्स्ट 2025’ के साथ यह उत्सव 22 जुलाई को समापन पर पहुंचेगा, जिसमें आने वाले वर्षों के लिए नई प्रमुख पहलों का शुभारंभ किया जाएगा।

