֍:किसानों का होगा 95% भुगतान§ֆ:कश्मीर हॉर्टीकल्चेर डायरेक्टजर के हवाले से बताया गया कि सेब के बागों के लिए फसल बीमा मार्च 2025 से उपलब्ध होगा. कुलगाम में तेज हवाओं और ओलावृष्टि की वजह से सेब के बाग पूरी तरह से चौपट हो गए है. ओलावृष्टि की वजह से करीब 25 से 30 गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और अनुमान है कि 50 से 60 फीसदी तक फसल बर्बाद हो गई है. तेज हवाएं और ओलावृष्टि फसल कटाई से ठीक पहले आईं और उससे स्थिति और भी खराब हो गई है. शेर-ए-कश्मीफर एग्रीकल्चरर यूनिवर्सिटी और बागवानी विभाग की टीमों ने नुकसान का आकलन किया है. इसके बाद किसानों को अगले कदम उठाने के लिए गाइड किया जा सके.§֍:किसानों को उठाना पड़ा रहा नुकसान§ֆ:किसानों को लेकर हॉर्टीकल्चर विभाग ने चिंता जताते हुए बताया कि वो समझते हैं कि नुकसान लाखों और करोड़ों की सीमा में है. पिछले मुआवजे अपर्याप्त रहे हैं और इस बार वो बेहतर समर्थन सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं. वहीं किसानों ने तत्काल प्रतिक्रिया के लिए आभार जताया है लेकिन सरकार से आगे के कदम उठाने का भी अनुरोध किया है जैसे कि किसान क्रेडिट कार्ड का कर्ज माफ करना और अतिरिक्त आर्थिक सहायता मुहैया कराना. §जम्मू-कश्मीर में सेब की खेती करने वाले किसानों के लिए सरकार की ओर से राहत की खबर सामने आ रही है. मानसून के दौरान जम्मू-कश्मीर में किसानों की फसल बारिश और ओलावृष्टि से खराब हो गई थी. इससे राज्य के सेब किसानों की फसल पर काफी प्रभाव पड़ा था. इसके देखते हुए कश्मी र के हॉर्टीकल्चार विभाग की तरफ से इस बात की जानकारी दी गई है. नेशनल कॉन्फ्रें स और पीपुल्सफ डेमोक्रेटिक पार्टी की तरफ से भी इसी तरह की मांग रखी गई थी. कश्मीकर के कुछ हिस्सोंर में तूफान और ओलावृष्टि की वजह से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है.

