ֆ:यानी स्पेस में चंद्रयान-4 और उसके पार्ट्स को जोड़कर इसरो यह तकनीक और क्षमता भी हासिल कर लेगा कि वह भविष्य में स्पेस स्टेशन भी बना ले. इसलिए चंद्रयान-4 मिशन बेहद जरूरी है. सोमनाथ ने कहा कि जरूरी नहीं कि ये काम दुनिया में पहले न हुआ हो. लेकिन इसरो इसे पहली बार करेगा.§इसरो चीफ ने कहा कि चंद्रयान-4 एक बार में लॉन्च नहीं होगा. चंद्रयान-4 के हिस्सों को दो बार में अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा. इसके बाद चंद्रमा की तरफ जाते हुए चंद्रयान-4 के हिस्सों को अंतरिक्ष में ही जोड़ा जाएगा. यानी असेंबल किया जाएगा. इसका फायदा ये होगा कि इसरो भविष्य में अपना स्पेस स्टेशन इसी तरह जोड़कर बनाएगा.

