भारत की प्राचीन योग परंपरा और वैश्विक कल्याण के प्रति उसकी प्रतिबद्धता का उत्सव मनाते हुए, पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन इंडिया टूरिज्म दिल्ली 21 जून 2025 को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एक विशाल योग सत्र का आयोजन करने जा रहा है। यह कार्यक्रम प्रातः 6:00 बजे से 8:00 बजे तक, ऐतिहासिक कुतुब मीनार परिसर के सन डायल लॉन (Sun Dial Lawns) में आयोजित किया जाएगा। कुतुब मीनार एक यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल है और यह आयोजन भारत की आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक होगा।
इस वर्ष की थीम “एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग” (Yoga for One Earth, One Health) मानव स्वास्थ्य और पारिस्थितिकीय संतुलन के बीच गहरे संबंध को दर्शाती है। इस आयोजन का उद्देश्य योग को एक प्रभावशाली साधन के रूप में बढ़ावा देना है, जो शारीरिक स्फूर्ति, मानसिक स्पष्टता, भावनात्मक शांति और आध्यात्मिक संतुलन प्रदान करता है — और एक सतत व स्वस्थ विश्व के निर्माण में सहायक है।
उपस्थित रहने वाले प्रमुख गणमान्य अतिथि:
- गजेन्द्र सिंह यादव, माननीय विधायक
- लक्ष्य सिंघल, आईएएस, जिलाधिकारी, दक्षिण दिल्ली
- प्रियंगा विक्रमसिंघे, उप उच्चायुक्त, श्रीलंका दूतावास
- वथसाला अमरासिंघे, मंत्री परामर्शदाता, श्रीलंका दूतावास
- मलेशिया से आए विशेष अतिथि
योग सत्र का संचालन:
प्रसिद्ध योग गुरु श्री गोपाल ऋषि और उनकी टीम द्वारा किया जाएगा। वे प्रतिभागियों को संपूर्ण योग अभ्यासों की एक श्रृंखला से मार्गदर्शन करेंगे, जो शारीरिक क्षमता, मानसिक स्थिरता और आंतरिक शांति को बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन की गई है।
भागीदारी और सहयोग:
इस आयोजन में 400 से अधिक प्रतिभागी भाग लेंगे, जिनमें शामिल हैं:
- इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर ऑपरेटर्स (IATO)
- एसोसिएशन ऑफ डोमेस्टिक टूर ऑपरेटर्स ऑफ इंडिया (ADTOI)
- ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI)
- क्षेत्रीय स्तर के पर्यटक मार्गदर्शक
- युवा टूरिज्म क्लब के छात्र-छात्राएँ
- होटल मैनेजमेंट संस्थानों के शिक्षक व विद्यार्थी (IHMs)
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI), पर्यटन मंत्रालय के अधिकारी और स्थानीय नागरिक
इस आयोजन में पर्यटन उद्योग के प्रमुख हितधारकों, पेशेवरों और विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी इस ओर इशारा करती है कि भारत कैसे पर्यटन और आरोग्य को एक साथ जोड़ते हुए सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण कर रहा है।
“हेरिटेज पर योग” विश्व को भारत का संदेश:
ऐतिहासिक कुतुब मीनार की पृष्ठभूमि में योग का अभ्यास भारत की आध्यात्मिक परंपरा की निरंतरता का प्रतीक है। यह आयोजन भारत की उस वैश्विक भूमिका को भी रेखांकित करता है जिसमें वह वेलनेस टूरिज्म (कल्याण पर्यटन) का वैश्विक केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर है।
यह आयोजन न केवल भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व पटल पर प्रस्तुत करेगा, बल्कि स्वास्थ्य और पर्यटन के बीच एक समन्वित दृष्टिकोण को भी मजबूती प्रदान करेगा।

