֍:पीएम मोदी ने कही ये बात§ֆ:अंतर्राष्ट्रीय सहकारी गठबंधन का वैश्विक सम्मेलन पहली बार भारत में आयोजित हो रहा है. इस दौरान पीएम मोदी ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, मछुआरों, सेल्फ हेल्प ग्रुप से जुड़ी महिलाओं और भारत को जोड़ने वाले युवाओं की तरफ से आप सभी का स्वागत करता हूं. उन्होंने कहा कि भारत में हम सहकारिता आंदोलन का विस्तार कर रहे हैं. मुझे विश्वास है कि इस सम्मेलन के माध्यम से हमें भारत की भावी सहकारिता यात्रा के बारे में जानकारी मिलेगी. साथ ही, भारत के अनुभवों के माध्यम से वैश्विक सहकारी आंदोलन को 21वीं सदी के उपकरण और नई भावना मिलेगी. §֍:§ֆ:पीएम मोदी ने कहा कि हम कह सकते हैं कि भारत में सहकारिता ने सहकार से आंदोलन, आंदोलन से क्रांति और क्रांति से सशक्तिकरण तक का सफर किया है. आज हम भारत सरकार और सहकार की शक्ति को एकसाथ जोड़कर भारत को विकसित बनाने में जुटे हैं. भारत में आज 8 लाख सहकारी समितियां है. यानी दुनिया की हर चौथी सहकारी समिति आज भारत में है. आज भारत सहकारिता क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी अनाज भंडारण योजना पर काम कर रहा है. इस योजना को हमारी सहकारिता समितियां चला रही हैं. इस योजना के तहत हम पूरे देश में गोदाम बना रहे हैं, जहां किसान अपनी उपज रख सकेंगे. इसका सबसे ज्यादा फायदा सीमांत किसानों को होगा.§֍:§भारत की राजधानी दिल्ली में मौजूद प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम् में मंगलवार को इंटरनेशनल कोऑपरेटिव कॉन्फ्रेंस का आयोजन हुआ. इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने समारोह को संबोधित किया. उन्होनें कहा कि भारत में आज 8 लाख सहलाकी समितियां हैं, जो किसानों को लोकल सॉल्यूशन दे रही हैं. देश के 98 फीसदी ग्रामीण हिस्से को सहकारी समितियां कवर करती हैं. इनको मल्टीपरपज बनाकर किसानों, मजदूरों के काम में लाया जा रहा है. 2 लाख ऐसे गांवों में मल्टीपरपज सहकारी समितियों का गठन किया जा रहा है. जहां कोई समिति नहीं है.

