ֆ:लद्दाख प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि KVK न्योमा इस राष्ट्रव्यापी अभियान की शुरुआत लद्दाख से करेगा। इस अभियान के माध्यम से किसानों को खरीफ सीजन की प्रमुख फसलों, उन्नत कृषि तकनीकों, पशुपालन, मत्स्य पालन और बागवानी जैसी विविध गतिविधियों के बारे में जानकारी दी जाएगी।अभियान के दौरान, हर जिले में तीन टीमों का गठन किया जाएगा, जिनमें विषय विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, सरकारी अधिकारी और प्रगतिशील किसान शामिल होंगे। ये टीमें प्रतिदिन तीन ग्राम पंचायतों का दौरा करेंगी और सीधे 100 से 200 किसानों से संपर्क करेंगी। अनुमान है कि इस अभियान के तहत देशभर में 1.3 करोड़ से अधिक किसानों से सीधा संवाद किया जाएगा।§ֆ:इस अभियान का उद्देश्य न केवल खरीफ सीजन की तैयारियों को मजबूत करना है, बल्कि किसानों को सरकार की योजनाओं, मृदा स्वास्थ्य कार्ड की जानकारी, बीजों की उन्नत किस्में, कीट व पोषण प्रबंधन, और प्राकृतिक खेती जैसे विषयों से अवगत कराना है।इसके अलावा, इस अभियान में जनजातीय इलाकों, सीमावर्ती गांवों और कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में भी विशेष फोकस रहेगा, ताकि कृषि संबंधी जानकारी हर किसान तक पहुंचे। किसानों को पाम्पलेट्स, पोस्टर, डिजिटल सामग्री और स्थानीय भाषाओं में जानकारी दी जाएगी।§ֆ:यह पहल कृषि विविधीकरण, मूल्यवर्धन और छोटे किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है। अभियान के अंतर्गत फूलों की खेती, मधुमक्खी पालन, डेयरी, और बागवानी जैसे उच्च मूल्य वाली कृषि गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जाएगा।सरकार का यह रणनीतिक अभियान किसानों को जलवायु-स्थिर कृषि तकनीकों से जोड़ते हुए उन्हें आत्मनिर्भर और उन्नत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।§लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के न्योमा में समुद्र तल से लगभग 13,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित देश का सबसे ऊंचाई पर स्थित कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) अब पूरे देश में किसानों को खरीफ फसल सीजन के लिए सशक्त बनाने के उद्देश्य से शुरू किए जा रहे “विकसित कृषि संकल्प अभियान” की अगुवाई करेगा।यह अभियान 29 मई से शुरू होकर 12 जून तक चलेगा, जिसे भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) के सहयोग से देशभर के 731 कृषि विज्ञान केंद्रों द्वारा चलाया जाएगा। इस अभियान में 113 कृषि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों और राज्य सरकारों के कृषि, बागवानी, पशुपालन और मत्स्य पालन विभागों की भागीदारी होगी।

