֍:सांसद ने कही ये बात§ֆ:राजेशकुमार ने कहा कि उन्होंने पोल्ट्री किसानों और अंडा निर्यातकों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए भारत में ओमान और कतर के राजदूतों के साथ बैठकों का अनुरोध किया है. नमक्कल के एक अंडा निर्यातक और लाइवस्टॉक एंड एग्री-फार्मर्स ट्रेड एसोसिएशन के जनरल सेक्रेटरी पीवी सेंथिल ने कहा कि ओमान के प्रतिबंधों के कारण कम से कम 15 करोड़ रुपये मूल्य के भारतीय अंडों की एक बड़ी खेप फिलहाल फंसी हुई है. ओमान के इम्पोर्टर सोहर पोर्ट पर भारतीय अंडे के कंटेनरों को खाली करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. वे अब भी ट्रांजिट में फंसे हैं. नमक्कल के अंडा निर्यातक जून से मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, जब ओमान ने भारतीय अंडे के लिए आयात परमिट देना बंद कर दिया था.§֍:घटा अंडा निर्यात§ֆ:कई बैठकों के बाद ओमान ने सितंबर में आयात शुरु किया, लेकिन सीमित परमिट होने पर मंगलवार को एकबार फिर आयात बंद कर दिया. नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष की शुरुआत में ओमान, कतर, दुबई, अबू धाबी, मस्कट, मालदीव और श्रीलंका सहित विभिन्न देशों को 11.4 करोड़ अंडे निर्यात किए गए थे. इनमें से 50% निर्यात ओमान का था. हालांकि, जून तक यह संख्या घटकर केवल 2.6 करोड़ रह गई.§ओमान में भारत से अंडों का आयात काफी समय से हो रहा है. लेकिन अब एमान ने आयात के लिए नया परमिट जारी करना बंद कर दिया है. इससे तमिलमनाडु के नमक्कल में पोल्ट्री उद्योग को नुकसान पहुंचने की संभावना है. बता दें कि कतर ने हाल ही में भारतीय अंडों पर वजन संबंधी प्रतिबंध लगा दिया था. अब उसने नया प्रतिबंध लगाया है. डीएमके सांसद केआरएन राजेशकुमार ने मंगलवार को राज्यसभा में इसको लेकर मुद्दा भी उठाया. उन्होंने केंद्र से भारत से अंडे के आयात को फिर शुरू करने के लिए ओमान और कतर के अधिकारियों से चर्चा करने का आग्रह किया.

