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उन्होंने यहां बिजनेस टुडे के एक कार्यक्रम में कहा कि देश की करीब 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण है, लेकिन वे विकास में केवल 12 प्रतिशत का योगदान देते हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा कि 5 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने तथा कार्य में तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था तथा कृषि बहुत महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने कहा, “सरकार सिंचाई क्षेत्र को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। हमें दुनिया की सबसे सफल तकनीक की आवश्यकता है। कृषि अर्थव्यवस्था ग्रामीण क्षेत्र में अधिक रोजगार सृजित करेगी।”
उन्होंने कहा कि 36 हरित राजमार्गों के निर्माण के साथ-साथ बंदरगाह संपर्क के लिए 3 लाख करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के सामने मूल समस्या रसद लागत है, जो 14-16 प्रतिशत है।
उन्होंने कहा, “हमें इसे घटाकर 9 प्रतिशत पर लाना होगा। अच्छी सड़कें, वैकल्पिक ईंधन लागत में कमी सुनिश्चित करेंगे। निर्यात में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि होगी। हमारी समस्या संसाधन नहीं बल्कि व्यय है।” केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत चीन की प्रतिस्पर्धात्मकता से मुकाबला कर सकता है। सड़कों की गुणवत्ता पर कोई समझौता नहीं करने पर जोर देते हुए गडकरी ने कहा कि उन्होंने दोषी ठेकेदारों को काली सूची में डाल दिया है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब वह (2014 में) मंत्री बने थे, तब देश में ऑटोमोबाइल क्षेत्र का आकार 14 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर 22 लाख करोड़ रुपये हो गया है। गडकरी ने कहा कि पांच साल में भारत का ऑटोमोबाइल क्षेत्र दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र होगा। जब केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा दे रही है, तब कुछ राज्यों द्वारा इस पर कर लगाने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकारों का विशेषाधिकार है।
वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि वैकल्पिक जैव ईंधन को प्रोत्साहित करना केंद्र सरकार की नीति है। मुफ्त सुविधाओं के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि हमें उत्पादक व्यय और अनुत्पादक व्यय के बीच चयन करना होगा। गडकरी ने कहा, “हमें यह तय करना होगा कि रोजगार पैदा करना है या पैसा वितरित करना है।”
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अगले दो वर्षों में भारत की कृषि विकास दर 20 प्रतिशत रहने की उम्मीद है और केंद्र की पहली प्राथमिकता इस क्षेत्र को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाना तथा अधिक रोजगार सृजित करना है।

