֍:चीन ने बंद किया DAP का एक्सपोर्ट §ֆ:एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य तौर पर दो वजहों से डीएपी की किल्लत हुई है. पहली वजह है चीन से होने वाले आयात का कम होना, और दूसरी खुद भारत में इसका उत्पादन कम होना बताया गया है. चीन ने अपनी घरेलू मांग बढ़ने के कारण खाद और कच्चे माल की सप्लाई को कम किया है. पहले भारत को चीन से 20 लाख टन खाद मिलती थी, जो अब घटकर मात्र 5 लाख टन रह गई है. यह कमी वैश्विक मांग और सप्लाई चैन में रुकावट के कारण और बढ़ गई है.
§ֆ:गेहूं, दाल और सरसों जैसी रबी फसलों के लिए अहम डीएपी खाद के उत्पादन में अप्रैल से अक्टूबर 2024 के बीच 7.3 फीसदी की गिरावट आई, जबकि आयात 30 फीसदी तक कम हुआ. जहां डीएपी और यूरिया के उत्पादन और आयात में गिरावट दर्ज की गई, वहीं एनपी/एनपीके (10.9 फीसदी) और एसएसपी (7.5 फीसदी) के उत्पादन में वृद्धि हुई.
§देशभर में डीएपी खाद की किल्लत की खबरें आ रही हैं. डीएपी (डाई-अमोनियम फॉस्फेट) जैसी खादों की कमी से रबी फसलों की पैदावार और किसानों की आय पर बड़ा असर पड़ सकता है. खाद की कमी ने किसानों को बेबस कर दिया है. इतना बेबस कि कुछ जगहों से किसानों द्वारा आत्महत्या किए जाने तक के समाचार सामने आ रहे हैं. गुना (मध्य प्रदेश) में लगभग 3 सप्ताह पहले एक किसान ने जगह निगल कर सुसाइड कर लिया. उकलाना (हरियाणा) में भी एक किसान ने डीएपी खाद नहीं मिलने की वजह से जहर खा लिया. खाद की कमी से चलते विरोध-प्रदर्शन तो आम ही हो गए हैं. सरकार की तरफ से हालांकि, खाद की पूरी सप्लाई की बातें लगातार दोहराई जा रही हैं. परंतु, क्या आप जानते हैं, खाद की कमी की असली वजह क्या है? चलिए इस पर विस्तार से नजर डालते हैं.

