सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ में स्थापित एग्रीटेक इनोवेशन हब में एक विशेष अवसर देखने को मिला जब भारतीय सेवा के जवानों ने विश्वविद्यालय का दौरा कर आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की। ये सभी जवान एमएसएमई, मेरठ में प्रशिक्षणरत हैं।
यह एग्रीटेक इनोवेशन हब विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. के.के. सिंह के दिशा-निर्देशन में स्थापित किया गया है, जिसका हाल ही में भव्य उद्घाटन केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, केंद्रीय राज्यमंत्री जयंत चौधरी, उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही तथा अन्य गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में किया गया था।
भ्रमण के दौरान प्रौद्योगिकी महाविद्यालय के अधिष्ठाता प्रो. जयवीर यादव ने जवानों को हब में उपलब्ध क्लाउड तकनीक, स्मार्ट सेंसर्स और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित आधुनिक कृषि नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आज कृषि भी विज्ञान और तकनीक से जुड़कर आत्मनिर्भर भारत की दिशा में अग्रसर हो रही है। उन्होंने विश्वविद्यालय में ड्रोन टेक्नोलॉजी और अन्य अनुसंधान गतिविधियों पर भी प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट निदेशक प्रो. आई.एस. सेंगर ने कहा कि एग्रीटेक इनोवेशन हब के माध्यम से तकनीकी शोध को गांवों तक पहुंचाने में सैनिकों की भूमिका भी अहम हो सकती है। उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इस प्रशिक्षण का लाभ उठाकर कृषि स्टार्टअप की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।
डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने बताया कि केंद्र में स्थापित फाइल सेंसर, वेदर सेंसर, वर्षा मापक यंत्र और अन्य डिवाइसेज किसानों को तेज, सटीक और लाभकारी जानकारी प्रदान करने में मददगार सिद्ध हो रहे हैं। वहीं असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. खुशबू राय ने कहा कि इस केंद्र के माध्यम से युवाओं को अत्याधुनिक कृषि तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
भ्रमण के दौरान जवानों ने विश्वविद्यालय में धान की सीधी बुवाई तकनीक, ड्रैगन फ्रूट उत्पादन, हाई डेंसिटी ऑर्चिड फार्म, अमरूद की उन्नत खेती, और औषधीय एवं सुगंधित पौधों के गार्डन का भी निरीक्षण किया। इसमें देश के विभिन्न राज्यों से आए सैनिक शामिल थे, जिन्होंने इस तकनीकी अनुभव को बेहद जानकारी पूर्ण और प्रेरणादायक बताया।

