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भारत का मानना है कि किसी भी शांति दस्तावेज पर साइन करने से पहले दोनों पक्षों की भागीदारी और राय जरूरी है. भारत ने कहा कि शांति के लिए सभी हितधारकों को एक साथ लाना जरूरी है. यही वजह है कि भारत ने शिखर सम्मेलन से जारी होने वाले किसी भी संयुक्त बयान अथवा शांति दस्तावेज से खुद को अलग कर लिया.
§स्विटजरलैंड में यूक्रेन शांति शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया. रूस-यूक्रेन जंग में शांति के लिए भारत समेत कुछ देशों ने शांति दस्तावेज वाले संयुक्त बयान पर हस्ताक्षर नहीं किए. भारत ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए रूस और यूक्रेन के बीच ईमानदारी और व्यावहारिक भागीदारी की जरूरत को रेखांकित किया.

