֍:चीनी विपणन वर्ष और निर्यात की अनुमति§ֆ:चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। भारत सरकार ने 2024-25 विपणन वर्ष के लिए 20 जनवरी 2025 से चीनी के निर्यात की अनुमति दी थी। कुल 10 लाख टन चीनी के निर्यात को मंजूरी दी गई है।
§֍:अप्रैल तक कुल 4.24 लाख टन का निर्यात§ֆ:AISTA के अनुसार, 30 अप्रैल तक कुल 4,24,089 टन चीनी का निर्यात किया गया है। इसमें 3.27 लाख टन सफेद चीनी, 77,603 टन परिष्कृत चीनी और 18,514 टन कच्ची चीनी शामिल हैं।इसके अतिरिक्त, लगभग 25,000 टन चीनी इस समय लोड की जा रही है।
§֍:सबसे अधिक निर्यात सोमालिया को§ֆ:अब तक हुए कुल निर्यात में से सबसे अधिक 92,758 टन चीनी सोमालिया भेजी गई है। इसके बाद अफगानिस्तान को 66,927 टन, श्रीलंका को 60,357 टन और जिबूती को 47,100 टन चीनी का निर्यात हुआ है।
§֍:8 लाख टन तक पहुंचने की संभावना
§ֆ:AISTA का अनुमान है कि वर्तमान रफ्तार को देखते हुए सरकार द्वारा स्वीकृत 10 लाख टन में से 8 लाख टन चीनी का निर्यात हो सकता है।
§֍:न्यूनतम बिक्री मूल्य और एथेनॉल की कीमत बढ़ाने की मांग§ֆ:संघ ने सरकार से गन्ने की बढ़ी हुई एफआरपी (FRP) के अनुरूप चीनी की न्यूनतम बिक्री मूल्य बढ़ाने की मांग की है। इसके साथ ही एथेनॉल की खरीद कीमत में भी 10 प्रतिशत की वृद्धि की सिफारिश की गई है।§भारत ने अक्टूबर से शुरू हुए चालू 2024-25 चीनी विपणन वर्ष में अप्रैल तक कुल 4.24 लाख टन चीनी का निर्यात किया है। सबसे अधिक निर्यात सोमालिया को 92,758 टन किया गया, यह जानकारी अखिल भारतीय चीनी व्यापार संघ (AISTA) ने सोमवार को दी।
चीनी विपणन वर्ष अक्टूबर से सितंबर तक चलता है। भारत सरकार ने 2024-25 विपणन वर्ष के लिए 20 जनवरी 2025 से चीनी निर्यात की अनुमति दी थी। सरकार ने कुल 10 लाख टन चीनी के निर्यात की अनुमति दी है।

