अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर 50% टैरिफ लगाए जाने के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज स्पष्ट किया कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी किसानों के हितों से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। एम.एस. स्वामीनाथन शताब्दी अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में दिए गए भाषण में पीएम मोदी ने कहा, “मैं जानता हूं कि व्यक्तिगत रूप से मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।”
टैरिफ युद्ध को लेकर घमासान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर दो चरणों में कुल 50% टैरिफ लगाया है – पहले 25% और फिर अतिरिक्त 25%। यह कदम भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर गतिरोध के बाद उठाया गया है । अमेरिका की मुख्य मांगें थीं:
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भारत को अपने कृषि बाजार में अमेरिकी उत्पादों (सेब, बादाम, अखरोट, जीएम फसलें) के लिए टैरिफ (20-100%) और गैर-टैरिफ बाधाएं हटानी होंगी।
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डेयरी उत्पादों (पनीर, दूध पाउडर) के लिए भारतीय बाजार खोलना, जो 8 करोड़ भारतीय डेयरी किसानों के लिए खतरा है ।
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अमेरिकी डेयरी उत्पादों को अनुमति देना, जो भारत में धार्मिक संवेदनशीलता का मुद्दा हैं क्योंकि अमेरिका में गायों को मांसाहारी भोजन दिया जाता है।
पीएम मोदी का ऐतिहासिक रुख
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में चार स्पष्ट संदेश दिए:
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भारत अमेरिका के सामने नहीं झुकेगा: “हमारे लिए किसानों का हित सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत अपने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हितों के साथ कभी समझौता नहीं करेगा।”
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किसान भारत की नींव हैं: भारत ने औद्योगिक और रक्षा क्षेत्र में रियायतें दीं, लेकिन कृषि और डेयरी में अमेरिकी मांगों को ठुकरा दिया।
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व्यक्तिगत कीमत चुकाने को तैयार: “मुझे पता है कि इसके लिए मुझे भारी राजनीतिक और आर्थिक कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं तैयार हूं।”
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बराबरी के संबंध: “दोस्ती होगी तो रिश्ता बराबरी का होगा, कोई बड़ा-छोटा नहीं।”
किसान हितैषी योजनाओं पर जोर
पीएम मोदी ने किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा
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पीएम किसान सम्मान निधि ने छोटे किसानों को आत्मबल दिया
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पीएम फसल बीमा योजना ने जोखिम प्रबंधन सुनिश्चित किया
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पीएम कृषि सिंचाई योजना से सिंचाई समस्याएं दूर हुईं
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10,000 FPOs के गठन से छोटे किसानों की संगठित शक्ति बढ़ी
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e-NAM पोर्टल ने किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराया
आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव भारत-अमेरिका व्यापार को प्रभावित करेगा, लेकिन भारत ने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता देने का संकेत दिया है। विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी टैरिफ को “अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण” बताया है। पीएम मोदी के इस फैसले को देशभर में किसान संगठनों का समर्थन मिल रहा है।

