केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्वीडन की आधिकारिक यात्रा के पहले दिन कई अहम बैठकों के जरिए भारत–स्वीडन आर्थिक संबंधों को और गहरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। इस यात्रा का उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश को बढ़ावा देना और हरित प्रौद्योगिकी, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल नवाचार जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशना रहा।
व्यापक सरकारी और औद्योगिक संवाद
गोयल ने स्वीडन के विदेश व्यापार मंत्री श्री बेंजामिन डूसा और राज्य सचिव श्री हॉकन जेवरेल से मुलाकात की। इन बैठकों में दोनों देशों के बीच सतत औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने और तकनीक एवं नवाचार-आधारित विकास के क्षेत्रों में संयुक्त प्रयासों पर चर्चा हुई।
भारत–स्वीडन आर्थिक, औद्योगिक और वैज्ञानिक सहयोग पर 21वें संयुक्त आयोग की बैठक भी इस यात्रा के दौरान आयोजित हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने हरित बदलाव (ग्रीन ट्रांजिशन), उन्नत प्रौद्योगिकी और मजबूत आपूर्ति श्रृंखलाओं के क्षेत्र में रणनीतिक सहयोग पर जोर दिया। इस बैठक में स्वीडन की कई प्रमुख संस्थाओं जैसे LeadIT, Vinnova, स्वीडिश एनर्जी एजेंसी, स्वीडिश नेशनल स्पेस एजेंसी, और बिजनेस स्वीडन ने हिस्सा लिया।
बिजनेस राउंडटेबल में निवेश के अवसरों पर चर्चा
गोयल ने भारत–स्वीडन व्यापारिक नेताओं के राउंडटेबल को संबोधित करते हुए स्वीडिश कंपनियों से भारत में निवेश बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि भारत की मजबूत नियामक प्रणाली, उपभोक्ता बाजार, कुशल जनशक्ति और औद्योगिक बुनियादी ढांचे का लाभ उठाया जा सकता है। राउंडटेबल में स्वच्छ ऊर्जा, स्मार्ट विनिर्माण, जीवन विज्ञान और डिजिटल प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में निजी क्षेत्र के सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा हुई।
भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर चर्चा
केंद्रीय मंत्री ने स्वीडन के एंटरप्राइज परिसंघ (Confederation of Swedish Enterprise) में आयोजित उच्च स्तरीय व्यापार एवं निवेश नीति मंच में भाग लिया। इसमें भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के अंतर्गत संभावनाओं पर चर्चा की गई। CII और स्वीडन एंटरप्राइज परिसंघ ने प्रस्तुति दी और कई शीर्ष कंपनियों के CEO ने वैल्यू चेन साझेदारी, तकनीकी हस्तांतरण और निवेश में सुगमता को लेकर अपने विचार साझा किए।
स्वीडिश कंपनियों ने जताई भारत में निवेश की रुचि
इस यात्रा के दौरान श्री गोयल ने ऑटोमेशन, नवीकरणीय ऊर्जा, समुद्री प्रौद्योगिकी और खाद्य प्रणालियों जैसे क्षेत्रों की स्वीडिश कंपनियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। इन कंपनियों ने भारत की आर्थिक संभावनाओं पर भरोसा जताते हुए नए निवेश और उत्पादन इकाइयों के विस्तार की इच्छा जाहिर की। सरकार की ओर से भूमि उपलब्धता, कौशल विकास साझेदारी और शीघ्र अनुमोदन जैसी सहायता पर चर्चा हुई।
भारत–स्वीडन सहयोग की नई दिशा
भारत के दूतावास और स्वीडन–इंडिया बिजनेस काउंसिल द्वारा आयोजित एक विशेष रात्रि संवाद में श्री गोयल ने भारत को वैश्विक विनिर्माण और नवाचार केंद्र बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने हरित प्रौद्योगिकी, डिजिटल अवसंरचना और नवाचार–आधारित विकास में दीर्घकालिक साझेदारी का आह्वान किया। यह यात्रा भारत–स्वीडन रणनीतिक साझेदारी को और गति देने का प्रतीक है और दोनों देशों की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाती है कि वे भविष्य-उन्मुख और उच्च प्रभाव वाले क्षेत्रों में मिलकर कार्य करें।

