Second direction issued by Supreme Court is that there will be option for candidates to get the microcontroller program of EVMs to be checked by a team of engineers after the declaration of results, such a request is to be made by the candidate within seven days after the…
— ANI (@ANI) April 26, 2024
§ֆ:फैसला सुनाते हुए जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि हमने सभी याचिकाओं को खारिज किया है. लोकतंत्र अपने विभिन्न स्तंभों के बीच सद्भाव और विश्वास पर आधारित है. इस पर कोर्ट का रुख साक्ष्यों पर आधारित रहा है. वहीं जस्टिस दीपांकर दत्ता ने फैसला सुनाते समय कहा कि किसी प्रणाली पर आंख मूंदकर संदेह करना सही नहीं है.
§ֆ:
Supreme Court rejects all the petitions seeking 100 per cent verification of Electronic Voting Machines (EVMs) votes with their Voter Verifiable Paper Audit Trail (VVPAT) slips. pic.twitter.com/z3KEvhUaAP
— ANI (@ANI) April 26, 2024
§֍:SC के अहम निर्देश §ֆ:कोर्ट ने आगे कहा कि हमारे अनुसार सार्थक आलोचना की आवश्यकता है. चाहे वह न्यायपालिका हो, विधायिका आदि हों. लोकतंत्र का अर्थ सभी स्तंभों के बीच सद्भाव और विश्वास बनाए रखना है. विश्वास और सहयोग की संस्कृति को बढ़ावा देकर हम अपने लोकतंत्र की आवाज को मजबूत कर सकते हैं.
§֍:कोर्ट ने दिए खास निर्देश§ֆ:जस्टिस खन्ना ने आगे कहा कि हमनें दो निर्देश दिया है. पहला निर्देश यह है कि सिंबल लोडिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिंबल लोडिंग यूनिट को सील कर दिया जाना चाहिए. एसएलयू को कम से कम 45 दिनों की अवधि के लिए संग्रहित किया जाना चाहिए. वहीं, क्रम संख्या 2 और 3 में उम्मीदवारों के अनुरोध पर परिणामों की घोषणा के बाद इंजीनियरों की एक टीम द्वारा माइक्रोकंट्रोलर ईवीएम में जली हुई मेमोरी की जांच की जाएगी.§सुप्रीम कोर्ट ने चुनावी माहौल के बीच ईवीएम-वीवीपेट को लेकर सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने सभी 100 फीसदी सत्यापन की याचिकाओं को खारिज किया है. EVM-VVPAT को लेकर जजों ने यह फैसला सहमति से लिया है. आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने VVPAT के साथ EVM के वोटों के 100 फीसदी सत्यापन की मांग करने वाली याचिका पर यह फैसला दिया है. कोर्ट ने फैसला सुनाते समय पेपर बैलेट की मांग को भी खारिज कर दिया है.

