֍:आईएमडी ने कही ये बात§ֆ:मौसम विभाग ने कहा कि मध्य प्रदेश में शनिवार से भोपाल, राजगढ़, नर्मदापुरम, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, इंदौर, देवास, शाजापुर, आगरमालवा, मुरैना, श्योपुरकलां, ग्वालियर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. इसी के साथ बिजली चमकने और आंधी आने की आशंका भी जताई जा रही है. आईएमडी ने कहा कि विदिशा, रायसेन, सीहोर, बैतूल, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, कटनी, जबलपुर, छिंदवाड़ा, मंडला, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी जिलों में भी भारी बारिश होने की संभावना है.§֍:किसानों के लिए जारी की एडवाइजरी§ֆ:मौसम विभाग ने मध्य परदेश के मौसम को देखते हुए पूर्वानुमान जारी किया है. इसमें मौसम विभाग ने बताया कि चावल, अरहर, उड़द, मूंग, मक्का, सोयाबीन, सब्जियों और बगीचों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करें. सथ ही उर्वरक और रासायनिक छिड़काव को रोक कर रखें. आईएमडी ने मध्य परदेश में होने वाले मोटे अनाज को लेकर कहा कि खेत में पानी निकलने की व्यवस्था करें, जिससे फसल खराब न हो.§֍:चावल को लेकर आईएमडी ने कही ये बात§ֆ:मौसम विभाग द्वारा बताया गया कि चावल में 15 से 21 दिन बाद पहली बार यूरिया की टॉप ड्रेसिंग करें. 21-25 दिन पुराने चावल के पौधों की रोपाई करें और खेतों में 2-3 सेमी का जल स्तर बनाए रखें.§֍:अरहर§ֆ:अरहर को लेकर कहा गया कि इसमें बांझपन मोजेक रोग को फैलने से रोकने के लिए साफ मौसम में सल्फर 50%, 30 ग्राम प्रति 10 लीटर पानी या नीम तेल 40 मिलीलीटर को 10 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें. अरहर में कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 25 ग्राम, यूरिया 200 ग्राम, सफेद पोटाश 100 ग्राम, 10 लीटर पानी का मिश्रण तैयार करें और बारिश के बाद इसे 100 मिलीलीटर प्रति पौधे पर छिड़कें.§֍:सोयाबीन§ֆ:मौसम विभाग की ओर से सोयाबीन की फसल को लेकर कहा गया कि वे सोयाबीन में खरपतवारों के प्रबंधन के लिए उपाय करें. अगर फसल में फूल आने लगें तो किसी भी प्रकार के शाकनाशी का छिड़काव न करें. सोयाबीन में खरपतवार प्रबंधन के लिए बुवाई के 20-25 दिन बाद उगने के बाद इमेजेथापायर 10% एसएल 250-300 मिली प्रति एकड़ का छिड़काव करें.§मानसून के चलते कई राज्यों में भारी बारिश देखी गई. इस बार मानसून की बारिश ने कई राज्यों में बाढ़ के साथ जलभराव की स्थिति पैदा कर दी. जिसमें महाराष्ट्र, गुजरात, केरल, हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्य शामिल हैं. ऐसे में मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश को लकर चेतावनी जारी की है. इसी के साथ किसानों के लिए फसल को लेकर भी एडवीइजरी जारी की गई है.

