֍:मोबाइल कांग्रेस में बोले पीएम मोदी §ֆ:उन्होंने बताया कि भारत में दुनिया के 40 प्रतिशत से अधिक वास्तविक समय के डिजिटल लेनदेन होते हैं। जो डिजिटल कनेक्टिविटी को समावेशी सेवा वितरण का एक प्रभावी साधन बनाता है। प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी आईटीयू विश्व दूरसंचार मानकीकरण सभा के दौरान की गई थी। जहां उन्होंने वैश्विक दूरसंचार के भविष्य पर चर्चा को विश्वव्यापी लाभ के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
§֍:वसुधैव कुटुम्बकम के सिद्धांत पर जोर§ֆ:मोदी ने डब्ल्यूटीएसए और इंडिया मोबाइल कांग्रेस के महत्व को भी रेखांकित किया। उन्हें ऐसे मंच के रूप में पेश किया जो कनेक्टिविटी और आम सहमति के आदान-प्रदान को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने भारत के सदियों पुराने वसुधैव कुटुम्बकम के दर्शन, अर्थात् दुनिया एक परिवार है की प्रासंगिकता पर जोर दिया। विशेष रूप से आज की विभाजित दुनिया में। उन्होंने कहा कि एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य के मंत्र के साथ जी-20 का नेतृत्व करते हुए भारत दुनिया को एकजुट करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि भारत दुनिया को संघर्ष से बाहर निकालकर जोड़ने में लगा हुआ है।
§֍:डिजिटल क्रांति और डिजिटल इंडिया पर चर्चा§ֆ:प्रधानमंत्री ने भारत की डिजिटल क्रांति और डिजिटल इंडिया पहल के आधारभूत स्तंभों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने उपकरणों को किफायती बनाना, व्यापक डिजिटल कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना, डेटा तक पहुंच को बढ़ावा देना और डिजिटल-फर्स्ट दृष्टिकोण को प्राथमिकता देने जैसे प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के कारण भारत ने घरेलू विनिर्माण में बड़े स्तर पर प्रगति की है। जिससे मोबाइल फोन किफायती हो गए हैं।
§प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में अपने संबोधन में भारत के दूरसंचार क्षेत्र में हुई उल्लेखनीय प्रगति और वैश्विक मंच पर देश की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत आज अपने व्यापक डिजिटल पदचिह्न के लिए जाना जाता है। जिसमें 1.2 बिलियन मोबाइल फोन उपयोगकर्ता और 950 मिलियन इंटरनेट ग्राहक शामिल हैं।

