֍:कुमाराकोम, केरल§۩:Uploads/NewsImages/16-10-2024/yPukAAw7kfu5zEJn4sEe.jpg|कुमाराकोम, केरल§ֆ:कुमाराकोम गांव वेम्बनाड झील बसे छोटे द्वीपों का समूह है. पक्षिविज्ञानियों के लिए ये जगह एक तरह का स्वर्ग है, क्योंकि यहां एक मौजूद पक्षी अभयारण्य भी है. यहां आसपास के गावों में बगुले, डार्टर, बगुले, टील, जलपक्षी, कोयल, जंगली बत्तख और साइबेरियाई सारस जैसे प्रवासी पक्षी झुंड में आते हैं. §֍:§ֆ:यहां ताज गार्डन रिट्रीट में बोटिंग और मछली पकड़ने की सुविधाएँ उपलब्ध हैं, जो एक विशाल पुराने बंगले से रिसॉर्ट में बदल गया है. केरल पर्यटन विकास निगम के बैकवाटर रिसॉर्ट वाटरस्केप्स में नारियल के पेड़ों के बीच खंभों पर बने स्वतंत्र कॉटेज हैं, जो बैकवाटर का मनोरम दृश्य पेश करते हैं. हाउसबोट और पारंपरिक केटुवलोम वाले हॉलिडे पैकेज शानदार अनुभव प्रदान करते हैं.§֍:कादरे, महाराष्ट्र§۩:Uploads/NewsImages/16-10-2024/5GKliUKWplQCbEifL01g.jpg|कादरे, महाराष्ट्र§ֆ:महाराष्ट्र के रतनागिरी में बसे गांव कादरे दापोली के सबसे नज़दीकी समुद्र तटों में से एक है. यहां जिसमें सफ़ेद और काली रेत का मिश्रण है और यह लगभग चार किलोमीटर तक फैला हुआ है. इस तट को तैरने, शांत वातावरण और सुरक्षित समुद्र तट के लिए मशहूर है. इसे अनदेखे समुद्र तटों में से एक माना गया है, जो आपको वह शांति और गोपनीयता देता है. अगर आपको कम शोर और समुद्र तट और लहरों की आवाज़, आराम करने और तरोताज़ा होने के लिए कहीं जाना चाहते हैं, तो ये सबसे बेस्ट ऑपशन है. §֍:मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल§ֆ:§۩:Uploads/NewsImages/16-10-2024/kjbu7bxhGt6Z8GXYpgJ5.jpg|मुर्शिदाबाद, पश्चिम बंगाल§ֆ:मुर्शिदाबाद पश्चिम बंगाल में मौजूद गांव है, ये कर्णसुवर्ण या कर्णसुबरन शशांक के शासनकाल के दौरान की राजधानी थी. शशांक, प्राचीन बंगाल के पहले महत्वपूर्ण राजा थे. उन्होंने 7वीं शताब्दी में शासन किया. यहां से निकटतम हवाई अड्डा कोलकाता में है, जो मुर्शिदाबाद से लगभग 195 किमी दूर स्थित है. मुर्शिदाबाद के आसपास दहापारा धाम, बिष्णुपुर कालीबाड़ी, अर्मेनियाई चर्च, अज़ीमुन्निसा बेगम का मकबरा, जाफ़रगंज कब्रिस्तान, फूटी मस्जिद, निज़ामत इमामबाड़ा, कटरा मस्जिद मौजूद हैं.§֍:सूपी, नैनीताल§ֆ:§۩:Uploads/NewsImages/16-10-2024/97tkpmpxPbrKQX1wtf3c.jpg|§ֆ:पहाड़ों की वादियों में घूमना हर शौकीन को पसंद है. इसी के चलते उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में मौजूद सूपी गांव अपनी पारंपरिक और जैविक कृषि पद्धतियों और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए जाना जाता है. यहां के गांव वालों के 80 फीसदी परिवारों का भरण-पोषण खेतीबाड़ी से होता है. गांव में फलों में सेब, आड़ू, खुमानी, पुलम का उत्पादन कर दिल्ली, मुंबई समेत अन्य राज्यों में ऑर्डर पर भेजा जाता है. यहां 12 से 15 प्रकार के रोजमैरी, पार्सली, तुलसी, बन अजवाइन आदि पौधों से हर्बल उत्पाद बनाए जाते हैं. यहां कई विदेशी पर्यटक हर्बल उत्पाद लेकर जाते हैं. §भारत में लोग घूमने के लिए कई पहाड़ी और समुद्री इलाकों को चुनते हैं. ऐसी जगाहों पर लोग जाना काफी पसंद करते हैं, जहां कुछ न कुछ खास हो. इसी के साथ घूमने के शौकीनों को ऐसी जगाहों पर जाने में उत्सुक्ता होता है. तो आइए जानते हैं इन मशहूर गांव के बारे में, जो कि वर्ल्ड टूरिज्म डे पर खिताब भी जीत चुके हैं.

