ֆ:मध्य प्रदेश में जायद मूंग की सरकारी खरीद को लेकर राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। कांग्रेस ने सरकार पर किसानों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है।
§֍:क्या है मामला?
§ֆ:प्रदेश में जायद मूंग की फसल की खरीद को लेकर किसानों में असंतोष है। किसानों का आरोप है कि सरकार ने खरीद प्रक्रिया में देरी की है और उचित दाम नहीं दिए जा रहे हैं। इसके अलावा, कई मंडियों में खरीद केंद्रों की कमी भी एक बड़ी समस्या बनी हुई है।
§֍:कांग्रेस का हमला
§ֆ:प्रदेश कांग्रेस नेता एवं पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने सरकार पर किसानों के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, “सरकार किसानों को उनकी फसल का सही दाम देने में विफल रही है। अगर जल्द ही इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ, तो हम प्रदेशभर में बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।”
कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि सरकार ने मूंग खरीद के लिए पर्याप्त बजट आवंटित नहीं किया है, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
§֍:सरकार का रुख
§ֆ:वहीं, भाजपा सरकार ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि मूंग की खरीद प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से चल रही है। कृषि मंत्री कमल पटेल ने कहा, “हम किसानों के हितों का पूरा ध्यान रख रहे हैं। सभी निर्धारित मंडियों में खरीद केंद्र सक्रिय हैं और किसानों को उचित मूल्य मिल रहा है।”
§֍:किसानों की मांग
§ֆ:प्रदेश के किसान संगठनों ने सरकार से मूंग की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर तुरंत खरीद शुरू करने और खरीद केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि देरी से खरीद होने पर किसानों को निजी व्यापारियों के भरोसे रहना पड़ता है, जो उन्हें कम दाम देते हैं।
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