֍:आयोडीन टिंचर§ֆ:मार्केट में मिलने वाले मावे में शुद्दता चेक करने के लिए आप आयोडीन टिंचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे चेक करने के लिए आप मावे की एक छोटी टिक्की बना लें. अब उसमें आयोडीन टिंचर की दो बूंदे मिक्स कर लें. कुछ देर बाद अगर मावे का रंग काला हो जाए तो समझ जाएं कि इसमें मैदे की मिलावट की गई है. वहीं, अगर मावे का रंग केसरिया हो जाए तो यह शुद्धता का संकेत है.§֍:कलर से पहचानें§ֆ:मावे में मिलावच का पता आप उसके रंग से भी लगा सकते हैं. असली मावा गहरे भूरे रंग का होता है. वहीं, दूसरी तरफ सफेद या हल्का पीला मावा मिलावट दर्शाता है.§֍:स्मेल से जानें शुद्धता§֍:§ֆ:मार्केट में मिलने वाले मावे की शुद्धता आप उसे सूघकर भी जान सकते हैं. अगर मावे में सोंधी दूध की खुशबू आती है तो वह असली मावा है और उसमें काफी कम मात्रा में मिलेवट की गई है. वहीं, नकली मावे में खुशबू नहीं आती है.§֍:ऐसे भी करें टेस्ट§ֆ:मावे को पहचानने के लिए आप उसे हाथों में रखकर रगड़ें. अगर रगड़ने पर मावा रबर की तरह टाइट हो रहा है, तो इसका मतलब है कि वह नकली मावा है. वहीं, अगर मावा घी छोड़ रहा है तो असली मावा है. इसी के साथ आप मावे को चखकर भी देख सकते हैं. अगर मावा खाने में हल्का मीठा है तो वह असली है. वहीं, अगर खाने में कड़वा स्वाद आ रहा है तो उसमें साबुन या सर्फ से मिलावट की गई है.§֍:(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. फसल क्रांति इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)§भारत में मिठाई के शौकीन आपको हर दूसरे घर में देखने मिल जाएंगे. इसीलिए त्योहार के समय मिठाइयों की दुकानों पर भीड़ लगी रहती है. ऐसे में कई लोगों के साथ धोखा कर दुकानदार नकली खोये की बनी मिठाइयां बेच देते हैं, जिससे ग्राहकों की सेहत को हानि पहुंचती है. एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में दूध से ज्यादा खोये का उत्पादन होता है. इस बात से ही साफ समझ आता है कि दूध से ज्यादा खोये का उत्पादन हो रहा है तो जरूर इसमें मिलावट की जा रही है.

