• About
  • Advertise
  • Privacy & Policy
  • Contact
Fasal Kranti Agriculture News
Advertisement
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
  • Login
No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य
No Result
View All Result
Fasal Kranti Agriculture News
No Result
View All Result
Home कृषि समाचार

ICRISAT और CIMMYT ने कृषि में जलवायु संकट से निपटने के लिए की साझेदारी

Fiza by Fiza
June 30, 2025
in कृषि समाचार
0
ICRISAT और CIMMYT ने कृषि में जलवायु संकट से निपटने के लिए की साझेदारी
0
SHARES
0
VIEWS
Share on FacebookShare on Twitter

जलवायु परिवर्तन से बढ़ती चुनौतियों के बीच, वैश्विक खाद्य प्रणाली को अधिक स्थिर और टिकाऊ बनाने के लिए दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय कृषि अनुसंधान संस्थानों ने अपने सहयोग को और मजबूत करने का निर्णय लिया है। अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों के लिए अंतर्राष्ट्रीय फसल अनुसंधान संस्थान (ICRISAT) और अंतर्राष्ट्रीय मक्का एवं गेहूं सुधार केंद्र (CIMMYT) ने इस सप्ताह पटांचेरू स्थित ICRISAT मुख्यालय में बैठक कर अपने साझा दृष्टिकोण और साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने का संकल्प लिया।

इस नवीनीकृत सहयोग का मुख्य उद्देश्य छोटे किसानों के लिए जलवायु-उपयुक्त नवाचारों को तेज गति से विकसित करना है, जो लगातार बदलते मौसम और पर्यावरणीय झटकों के सबसे अधिक प्रभाव में रहते हैं। यह साझेदारी खाद्य, भूमि और जल प्रणालियों के रूपांतरण में वैज्ञानिक समाधानों को तेजी से लागू करने के लिए तैयार की गई है।

ICRISAT के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने इस अवसर पर कहा, “यह गठबंधन हमारी साझा जिम्मेदारी को दर्शाता है कि हम कृषि विज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाएं और इसका व्यापक प्रभाव सुनिश्चित करें। यह हमारे नए ‘दक्षिण-दक्षिण सहयोग कृषि उत्कृष्टता केंद्र’ को भी सशक्त बनाएगा।”

वहीं CIMMYT के महानिदेशक डॉ. ब्रैम गोवार्ट्स ने भी इस पहल की अहमियत को रेखांकित करते हुए कहा, “आज के दौर में सहयोग कोई विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है। जब हम अपनी विशेषज्ञता और संसाधनों को एकजुट करते हैं, तो हम ऐसे समाधान विकसित कर सकते हैं जो स्थानीय स्तर पर व्यावहारिक हों और वैश्विक स्तर पर समानता और स्थिरता को बढ़ावा दें।”

दोनों संस्थान CGIAR नेटवर्क का हिस्सा हैं, जो कि दुनिया का सबसे बड़ा सार्वजनिक रूप से वित्त पोषित कृषि अनुसंधान संगठन है। ICRISAT और CIMMYT की यह साझेदारी न केवल जलवायु-अनुकूल तकनीकों को तेजी से अपनाने में मदद करेगी, बल्कि जैव विविधता के संरक्षण और वैश्विक दक्षिण (Global South) में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

इस वैज्ञानिक गठजोड़ से उम्मीद की जा रही है कि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जूझ रहे लाखों छोटे किसानों को नया रास्ता मिलेगा, और कृषि नवाचारों के ज़रिए टिकाऊ व समावेशी भविष्य की ओर एक मजबूत कदम उठाया जा सकेगा।

 

Previous Post

7 लाख के रेड ब्लेजर अवतार में इंटरनेट पर तहलका मचाती उर्वशी रौतेला

Next Post

ITOTY 2025: बहुत जल्द होने जा रहा है ‘इंडियन ट्रैक्टर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार समारोह

Next Post
ITOTY 2025: बहुत जल्द होने जा रहा है ‘इंडियन ट्रैक्टर ऑफ द ईयर’ पुरस्कार समारोह

ITOTY 2025: बहुत जल्द होने जा रहा है 'इंडियन ट्रैक्टर ऑफ द ईयर' पुरस्कार समारोह

Fasalkranti

Fasal Kranti is a premier monthly agricultural magazine which publish in Hindi, Punjabi, Marathi and Gujarati languages, dedicated to Indian farmers. Fasal Kranti aims to be a premier monthly agricultural magazine in Hindi dedicated to Indian farmers of the 21st century. 

Category

  • कृषि समाचार
  • साक्षात्कार
  • सफ़लता की कहानी
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल

Newsletter

Subscribe to our Newsletter. You choose the topics of your interest and we’ll send you handpicked news and latest updates based on your choice.

Contact us

  • E-Mail: info@fasalkranti.in
  • Phone: +91 9625941688
Copyrights © 2026. Fasal Kranti, Inc. All Rights Reserved. Maintained By Fasalkranti Team.

Welcome Back!

Login to your account below

Forgotten Password?

Retrieve your password

Please enter your username or email address to reset your password.

Log In

Add New Playlist

No Result
View All Result
  • Home
  • कृषि समाचार
  • समाचार
  • ब्रेकिंग न्यूज़
  • सफ़लता की कहानी
  • साक्षात्कार
  • मनोरंजन
  • मौसम
  • खेल
  • अन्य

© 2026 Fasalkranti - News and Magazine by Fasalkranti news.