֍:किसानों ने लिए जारी हुई सरसों की उन्नत किस्म§ֆ:भारतीय कृषि अनुसंधान की ओर से जारी की गई नई सरसों की किस्म काफी विकसित है. इस किस्म को मार्च में बुवाई के लिए मंजूरी मिल गई थी, लेकिन रबी सीजन में सरसों की बुवाई करने वाले किसानों को इसका इस्तेमाल करने को कहा है. आईसीएआर के अनुसार उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड के किसानों को सरसों की उत्तम किस्म पूसा डबल जीरो मस्टर्ड 35 की बुवाई की सलाह दी गई है. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार 132 दिन में यह किस्म तैयार हो जाती है. कई रोगों को पनपने नहीं देने की क्षमता के चलते किसान इस फसल की बुवाई से प्रति हेक्टेयर 21.48 क्विंटल से अधिक की उपज हासिल कर सकते हैं.§֍:बढ़ सकता है रकबा§ֆ:केंद्र सरकार ने खाद्य तेल के लिए 2024-25 में सरसों का रकबा 100 लाख हेक्टेयर से ज्यादा ले जाने की उम्मीद जताई है. ऐसा सरसों की एमएसपी में 200 रूपये की बढ़त को देखते हुए कहा गया है. अब सरसों पर एमएसपी 5650 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है. इससे पहले 2022-23 में सरसों का बुवाई क्षेत्रफल 98.02 लाख हेक्टेयर दर्ज किया गया था, जो 6.77 लाख हेक्टेयर अधिक था.§खरीफ के बाद अब रबी सीजन के लिए कृषि वैज्ञानिक तैयाररियों में जुट गुए हैं. इसी के चलते आईसीएआर ने सरसों की नई किस्म पूसा डबल जीरो मस्टर्ड 35 जारी की है. ये किस्म काफी खास है और जानकारी के मुताबिक ये सफेद रतुआ समेत 4 रोगों से लड़ने में सक्षम है. ICAR ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश समेत 4 राज्यों के किसानों को इस उन्नत किस्म की बुवाई करने की सलाह दी है.

