֍:चिकित्सकों के खिलाफ छापेमारी§ֆ:गुरुवार को कलेक्टर टीना डाबी अधिकारियों की तीन अलग-अलग टीमों के साथ सरकारी चिकित्सकों के खिलाफ छापेमार के लिए निकलीं. इस दौरान उन्होंने दो सरकारी डॉक्टर्स को पकड़ा, जो ड्यूटी टाइम में प्राइवेट क्लीनिक में मरीजों को देख रहे थे. माना जा रहा है कि टीम के आने की भनक लगते ही कई डॉक्टर्स प्राइवेट क्लीनिक छोड़कर से भाग निकले. §֍:डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश§ֆ:छापेमारी के बाद आईएएस टीना डाबी ने डॉक्टर्स की अटेंडेंस का रजिस्टर जब्त किया. जिला कलेक्टर ने डॉ. रमेश कटारिया और डॉ.महेंद्र चौधरी के खिलाफ जांच के निर्देश दिए हैं. पूरे मामले में पीएमओ डॉ. बीएल मंसूरिया की भूमिका भी संदिग्ध मिली. क्योंकि अटेंडेंस रजिस्टर के कई कॉलम खाली थे. इससे उपस्थिति और अनुपस्थिति के बारे में पता लगाना बेहद मुश्किल था. इसी के साथ पीएमओ को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा डॉक्टर्स की अटेंडेंस के रजिस्टर में भी कई कॉलम खाली थे. जिसमें कई डॉक्टर्स की उपस्थिति तक दर्ज नहीं थी. §֍:दुकानदार पर भड़कीं §ֆ:बाड़मेर में सफाई अभियान छेड़ने वाली जिला कलेक्टर टीना डाबी एक दुकान के बाहर गंदगी देख भड़क गईं. उन्होंने तुरंत दुकानदार से झाड़ू लगाने को कहा. काफी टालमटोली के बाद आखिरकार दुकानदार ने अपनी दुकान में मौजूद एक बच्चे से झाड़ू लगाने का बोला. यह देख तपाक से कलेक्टर ने दुकानदार को फटकार लगाई और कहा कि बच्चा झाड़ू क्यों लगाएगा? आप लगाइए.§राजस्थान के बाड़मेर जिले की कमान संभालते हुए IAS टीना डाबी एक्शन मोड में आ गई हैं. बुधावर को उन्होंने शहर की सड़कों पर सफाई व्यवस्था को देखने के बाद गुरुवार को डॉक्टर्स की लेने निकलीं. उन्होंने जिला अस्पताल के डॉक्टर्स के घरों पर रेड मारी. इनमें वे डॉक्टर्स शामिल थ जो अस्पताल समय पर न जाकर घरों में बैठे थे.

