֍:लागत के लिए तरसे किसान§ֆ:शत्रुसोला गांव के टमाटर किसान सूरत पहान ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा, तीन महीने पहले टमाटर की फसल लगाई थी. अच्छी उपज के लिए खूब मेहनत की. मगर जब कमाने का मौका आया तो दाम गिर गए. आज मजदूरी खर्च निकालना भी मुश्किल हो रहा है.
शुक्रवार को पाहन ने 15 क्विंटल टमाटर 3 रुपये प्रति किलो की दर से बेचे. यह दर बीज, खाद और ढुलाई जैसे खर्चों को मुश्किल से पूरा करती है. कुछ किसानों ने अपनी फसल को पूरी तरह से खेत में ही छोड़ दिया है, क्योंकि व्यापारी 2 रुपये प्रति किलो से भी कम कीमत पर टमाटर मांग रहे हैं. शत्रुसोला गांव के ही उपेंद्र पोलाई ने कहा, “इतने कम दामों पर बेचने के बजाय, मैंने अपने टमाटर मवेशियों को खिलाने का फैसला किया.”
§֍:बंपर फसल से गिरी कीमतें§ֆ:टमाटर उगाने वाले क्षेत्रों में गंजम ब्लॉक का बड़ा नाम है, पर यहां भी भारी नुकसान हुआ है. बागवानी विभाग के उप निदेशक (DDH) कंद जेना के अनुसार, इस साल बंपर फसल की वजह से कीमतों में गिरावट आई है. उनके अनुसार, जिले में करीब 1,500 हेक्टेयर में टमाटर की खेती की गई थी, जिससे बाजार में टमाटर की अधिक सप्लाई हुई.§ֆ:§֍:प्रोसेसिंग सुविधा का अभाव§ֆ:किसान नेता और पूर्व जिला परिषद सदस्य ब्रुन्दाबन खटेई ने ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा कि जिले में फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री और कोल्ड स्टोरेज की कमी के कारण टमाटर किसानों को नुकसान उठाना पड़ा है. खटेई ने कहा, “अगर किसानों के पास प्रोसेसिंग की सुविधा होती, तो किसान अचार और सॉस जैसे टमाटर जैसे प्रोडक्ट बना सकते थे, जिससे उनकी उपज का दाम बढ़ जाता.” उन्होंने सरकार से प्रभावित किसानों को उनके नुकसान की भरपाई करने का आग्रह किया.§अब टमाटर किसानों के आंसू निकाल रहा है. दो-तीन महीने पहले यही टमाटर किसानों को खुशी से झूमने का सबब बना था. अब वही टमाटर दुख और हताशा का कारण बन गया है. हालांकि तब ग्राहक महंगाई के आंसू रो रहे थे. अब वे झोला भर-भर के सस्ता टमाटर खरीद रहे हैं. देश के कई इलाकों में टमाटर के दाम ऐसे क्रैश हुए हैं जिसका अंदाजा लगाना मुश्किल है. इसी में एक क्षेत्र है ओडिशा का बेरहामपुर जिला.
बेरहामपुर जिले के किसान आज टमाटर की खेती की लागत निकालने के लिए जूझ रहे हैं. आज वे सब्जी दुकानदारों को 3 से 5 रुपये किलो टमाटर बेचने को मजबूर हैं. दूसरी ओर खुदरा में ग्राहक 10 से 15 रुपये के बीच अच्छी क्वालिटी के टमाटर खरीद रहे हैं.

