֍:आकाश एयर डिफेंस सिस्टम §ֆ:आकाश भारत की स्वदेशी मध्यम दूरी की सतह-से-हवा मिसाइल प्रणाली है, जिसे रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है. इसे भारतीय सेना और वायुसेना में 2014 से तैनात किया गया है. इसका उन्नत संस्करण आकाश-NG (नेक्स्ट जेनरेशन) 2021 में शामिल हुआ. यह प्रणाली कम और मध्यम ऊंचाई पर हवाई खतरों, जैसे फाइटर जेट्स, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को नष्ट करने में सक्षम है. §֍:विशेषताएं§ֆ:• रेंज: 45-70 किमी (आकाश-NG)
• लक्ष्य: फाइटर जेट्स, ड्रोन, क्रूज मिसाइलें और बैलिस्टिक मिसाइलें
• मार्गदर्शन: रडार-आधारित कमांड गाइडेंस और एक्टिव रडार होमिंग (आकाश-NG)
• वॉरहेड: 60 किलोग्राम उच्च-विस्फोटक
• सटीकता: 90-100% इंटरसेप्शन दर
• तैनाती: मोबाइल लॉन्चर, टैंक और ट्रक पर तैनात, जो इसे गतिशीलता प्रदान करता है।
• इलेक्ट्रॉनिक काउंटरमेजर्स (ECCM): दुश्मन के जैमिंग और इलेक्ट्रॉनिक हस्तक्षेप को नाकाम करने की क्षमता.
• स्वदेशीकरण: 96% से अधिक स्वदेशी घटक, जो इसे “मेक इन इंडिया” का प्रतीक बनाता है.
§ֆ:§10 मई 2025 को भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है, जब पाकिस्तान ने श्रीनगर से नालिया तक 26 स्थानों पर ड्रोन, मिसाइल और लड़ाकू जेट्स से हमले किए. इन हमलों में फतेह-1 मिसाइल, JF-17, F-16 और DJI सैन्य ड्रोन का उपयोग किया गया. भारतीय आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने इन हवाई खतरों को हवा में ही नष्ट कर पाकिस्तानी हमलों को पूरी तरह नाकाम कर दिया.

