֍:लू के दिनों की बढ़ेगी संख्या§ֆ:आईएमडी ने हीटवेव को लेकर पूर्वानुमान जारी किया है. इसमें बताया गया कि इन तीन महीनों के सामान्य से ज्यादा दिन हीटवेव चलेगी. मार्च से मई के बीच पूर्वोत्तर भारत, सुदूर उत्तर भारत और प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिणी हिस्सों को छोड़कर देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से ज्यादा गर्मी वाले दिन रहने की संभावना है. वहीं, मार्च के दौरान मध्य भारत के ज्यादातर हिस्सों और दक्षिण प्रायद्वीप के समीपवर्ती उत्तरी हिस्सों और उत्तर-पश्चिमी और पूर्वी भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से ज्यादा हीटवेव वाले दिन रहने की संभावना है. §֍:सामान्य से अधिक रहेगा तापमान§ֆ:आईएमडी ने मार्च से मई के दौरान देश के ज्यादातर हिस्सों में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है. हालांकि, प्रायद्वीपीय भारत के दक्षिणी हिस्सोंक और पूर्वोत्तर भारत के कुछ इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से कम रहने के आसार हैं. वहीं, प्रायद्वीपीय भारत के कुछ अलग-थलग दक्षिणी इलाकों को छोड़कर देश के ज्याकदातर हिस्सोंम में न्यूेनतम तापमान सामान्य से ज्याहदा बना रहने की संभावना है. §֍:न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी§ֆ:मार्च में भारत के ज्यावदातर हिस्सोंर में मासिक अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहेगा. प्रायद्वीपीय भारत के कुछ दक्षिणी भागों में सामान्य से कम अधिकतम तापमान की स्थिति बन सकती है. ऐसे ही उत्तर-पश्चिम भारत और दक्षिण प्रायद्वीप के कुछ हिस्सोंय को छोड़कर देश के ज्यांदातर हिस्सोंत में सामान्य से ज्या दा मासिक न्यूनतम तापमान रहने के आसार है. मार्च 2025 के दौरान पूरे देश में औसत बारिश सामान्य (दीर्घकालिक औसत का 83-117 प्रतिश) रहने की संभावना है. प्रायद्वीपीय भारत के कुछ हिस्सों और मध्य भारत के दक्षिण के पड़ोसी इलाकों में सामान्य से ज्या दा बारिश होने के आसार हैं, जबकि देश के अन्यर हिस्सों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है.§भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानि आईएमडी ने पिछले दिन प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की. इसमें मार्च से लेकर मई महीने तक मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है. मौसम विभाग ने पूर्वानुमान में आगामी महीने में बारिश, तापमान और अन्य स्थितियों से जुड़ी जानकारी दी है. सीथ ही आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में कुछ हिस्सों को छोड़कर मार्च स ही लू शुरु होने की भविष्वाणी की है. पूर्वानुमान के अनुसार, मौसम स्थितियां बनती हैं तो इसका खेती किसानी पर असर पड़ना तय हैं. हालांकि, IMD ने अपने पूर्वानुमान में खेती-किसानी से जुड़ी कोई चेतावनी या सतर्कता को लेकर कोई टिप्पणी नहीं की है.

