֍:अधिकारियों ने दिए कुछ सुझाव§ֆ:एमसीडी के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि मीटिंग में एंटी स्मॉग गन लगाने के लिए कुछ जरूरी सुझाव भी दिए गए। जिसमें एंटी स्मॉग गन को ऊंची इमारत की दीवार पर फिट किया जा सकता है। इस समय एंटी स्मॉग गन में नोजल के छेद 30-50 माइक्रोन के हैं। इसे कम कर 5-20 माइक्रोन का किया जा सकता सकता है। जिससे 2.5 और 10 पीएम का कारण बनने वाले धूल कणों को प्रभावी रूप से जमाया जा सकेगा। नोजल से निकलने वाली पानी की बौछार 75-100 मीटर तक होनी चाहिए। इतना ही नहीं, एयर ब्लोअर के उपयोग के कारण ध्वनि डेसिबल को कम किया जाना चाहिए।
§֍:एमसीडी सख्ती से निपट रही§ֆ:वहीं ग्रैप-4 की पाबंदियों का उल्लंघन करने वाले लोगों से एमसीडी सख्ती से निपट रही है। सेंट्रल जोन ने जहां एक तरफ 102 साइटों का चालान किया और तीन प्रॉपर्टीज को सील किया। वहीं, दूसरी तरफ शाहदरा नॉर्थ जोन में 40 प्रॉपर्टी के चालान काटे गए। दोनों जोन से भारी जुर्माना भी वसूल किया गया है।ग्रैप-4 के तहत सभी छोटी-बड़ी कंस्ट्रक्शन साइटों के साथ-साथ तोड़फोड़ की कार्रवाई पर भी रोक लगी है। सेंट्रल जोन के अधिकारियों की टीम ने ग्राउंड में जाकर जांच की तो अलग-अलग कॉलोनियों में 102 साइटों पर कंस्ट्रक्शन होता पाया। ऐसी सभी प्रॉपर्टीज के चालान काटने के साथ साथ उनसे जुर्माने के रूप में लाखों रुपये की रिकवरी भी की गई। बिल्डिंग विभाग ने मीठापुर जैतपुर में अवैध रूप से बनी प्रॉपर्टीज को तोड़ने की फाइल बढ़ाई थी। सीनियर अधिकारियों की तीन प्रॉपर्टी पर सहमति तो मिल गई, लेकिन कंस्ट्रक्शन और डिमोलिशन पर बैन लगा होने के कारण तीनों प्रॉपर्टी को सील कर दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि ग्रैप-4 का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ आगे भी एक्शन जारी रहेगा।
§नई दिल्ली: दिल्ली में प्रदूषण की गंभीरता को देखते हुए एमसीडी ने सात मंजिल और उससे अधिक ऊंची इमारतों पर एंटी स्मॉग गन लगाने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही एमसीडी ने जगह-जगह बने फुट ओवरब्रिज के ऊपर भी एंटी स्मॉग गन लगाने के लिए कहा है। हेड ऑफिस ने सभी जोन के बिल्डिंग विभाग के इंजीनियरों से इस पर डिटेल रिपोर्ट तलब की है। एमसीडी ने प्रदूषण को लेकर एलजी के साथ हुई बैठक के बाद यह फैसला लिया है।

