֍:जानें क्या हुए बड़े फैसले§ֆ:-एग्रीकल्चर इंफ्रा फंड में 1 लाख करोड़ रुपये का फंड रखा गया है. इसके तहत पोस्ट हार्वेस्टिंग पर सरकार का फोकस रहेगा.
1. एग्री इंफ्रा फंड के पैसे से इंट्रीग्रेटेड पैक हाउस बनाए जाएंगे
2. कोल्ड स्टोरेज विकसित होंगे.
3. रेफ्रीजेरेटेड वेहिकल लाए जाएंगे.
§֍:प्राइमरी प्रॉसेसिंग यूनिट लगाई जाएंगी.§ֆ:पीएम कुसम योजना के तहत सोलर प्लांट से बिजली ग्रिड में बेचने में दिक्कत को दूर की गई है. सरकार ने कहा, इससे किसानों को निवेश लगता है. ऐसे में प्लांट लगाने में उसकी फंडिंग एग्री इंफ्रा फंड से मिल सकेगी.
§ֆ:1. इंट्रीग्रेटेड सेकेंडरी प्रॉसेसिंग पर सरकार का अधिक फोकस. उदाहरण के लिए, फल उगाने वाला किसान तुड़ाई के बाद स्टोरेज के लिए अब प्रॉसेसिंग से जूस बनाने के लिए प्लांट लगा सकता है. पीएम कुसुम, सौर ऊर्जा प्लांट लगाने के लिए फंड की व्यवस्था की गई है. प्रोजेक्ट के लिए नाबॉर्ड से फंड की व्यवस्था गई है.
2. कैबिनेट के फैसले में कहा गया है कि यूपी के आगरा, प्रयागराज में फ्रेट कॉरीडोर विकसित किए जाएंगे, जिसमें एग्रो- फूड प्रॉसेसिंग समेत कई तरह यूनिट लगाई जाएंगी. उत्तराखंड, बिहार के गया में और महाराष्ट्र के दीघी पोर्ट को विकसित किया जाएगा. राजस्थान के जोधपुर में एग्रो-फूड प्रॉसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी.
§नई दिल्ली में आज केंद्रीय कैबिनेट की बैठक हुई. इसमें रेल, आईटी व संसदीय मामलों के मंत्री अश्विनी वैष्णव, संसदीय राज्य मंंत्री और मत्यपालन मंंत्री के मुरुगन शामिल हुए. कैबिनेट में लिए गए फैसले के मुताबिक देश में 12 नए औद्योगिक एरिया बनेंगे. मैन्यूफैक्चरिंग पर सरकार तेज डेवलपमेंट करेगी. ट्रीटमेंट प्लांट बनाए जाएंगे. गैस पाइपलाइन, इलेक्ट्रिसिटी सुविधाएं विकसित की जाएंगी. 10 लाख सीधी नौकरियों बनेंगी और 30 लाख इनडायरेक्ट नौकरियों के मौके बनेंगे. सबसे खास बात ये रही कि सरकार ने एग्री इंफ्रा फंड का दायरा बढ़ाते हुए इसकी पहुंच छोटे किसानों तक कर दी है.

